• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Monday, May 4, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

सफ़ल होने की कौशलताएं भारतीयों में कूट-कूट कर भरी है बस अपने आपको पहचानने की जरूरत है-हर दिन एक नया इतिहास रच सकते हैं

by Page 3 News International Desk
March 23, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
16
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

RelatedPosts

मथुरा डैम त्रासदी से सीख नहीं-नतीज़ा बरगी डैम त्रासदी दुर्घटना नहीं, संभवततः आपराधिक लापरवाही का आईना -पर्यटन सुरक्षा तंत्र की विफ़लता और जवाबदेही की कसौटी- व्यापक समग्र विश्लेषण

दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों की क्वालिटी में लापरवाही अब भारी पड़ेगी- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा 1 मई 2026 से नए गुणवत्ता मानक जारी- समग्र व्यापक विश्लेषण

नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 -1 मई 2026 को राजपत्र में अधिसूचित-भारत की नागरिकता व्यवस्था में डिजिटल युग का प्रवेश:व्यापक समग्र विश्लेषण

अपनी बुद्धि का सकारात्मक उपयोग लेने पर अगर हम उतारू हो गए!तो हम सफलताओं का हर दिन एक नया इतिहास रच सकते हैं -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – मानवीय जीव इस सृष्टि में अनमोल हीरा है।मनुष्य में अनमोल गुणों का भंडार समाया हुआ है, परंतु हम अपने आप की शक्ति को पहचानने की कोशिश नहीं करते बल्कि हमेशा दूसरों की  ताकझांक करते रहते हैं। हर क्षेत्र में दूसरों से प्रतियोगिता करने पर उतारू हो जाते हैं, कुछ नया करने की नहीं सोचते। अपनी बुद्धि का सकारात्मक उपयोग लेने पर अगर हम उतारू हो गए!तो हम सफलताओं का हर दिन एक नया इतिहास रच सकते हैं क्योंकि इतनीं बुद्धि कौशलता हर एक भारतीय में समाई हुई है। बस!जरूरत है उसे पहचान कर निखारने की परंतु हम अपने ही बढ़ बोलेपन से घिरे रहते हैं, दूसरों की टांग खींचने में हमको मजा आता है। किसी भी नकारात्मक विस्तार वादी बात को समाधान कर समाप्त करना जैसे हमने सीखे ही नहीं? मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूँ क़ि भारत माता की मिट्टी में ही मानवीय गुणों की खान समाई हुई है जिसे हमें चुनकर अपनाना है। आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से गुणों की खान के दो हीरे चुप रहना और माफ करना पर चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम मानवीय अनमोल गुण चुप रहने की करें तो, बड़े बुजुर्गों की इस पर दो कहावतें हैं (1) बोलत बोलत बड़े बिखात, पहली कहावत का भावार्थ है, अति बोलने से ही बातें बिगड़ती है झगड़े दंगे फसाद मारपीट हत्याएं तक हो जाती है इसलिए चुप भली,
(2) अति का भला ना बोलना अति की भली न चूप, अति का भला न बरसना अति की भली न धूप, याने दूसरी कहावत का भावार्थ अति चुप रहने को भी नकारा गया है याने अन्याय के खिलाफ चुप रहना हानिकारक है। परंतु हमें इसका निर्णय अपने समाज और राष्ट्र के फायदे को देखकर ही लेना है परंतु मेरा मानना है चुप रहने से कई फायदे हैं और सामने वाले को सटीक जवाब भी मिल जाता है। बोलने से पहले हमें याद रखना होगा के (1) बिना तथ्य के ना बोले (2)शब्दों से ठेस ना पहुंचे (3) पवित्र वस्तुओं सेवाओं का अपमान ना करें (4) क्रोध में चुप रहे (5) मुद्दे से संबंध ना होने पर चुप रहें (6) शब्दों से किसी को ठेस ना पहुंचे (7) चिल्लाने से चुप भली (8) अपमान से ना बोलें (9) जरूरत पड़ने पर सकारात्मक बोलें (10) निंदा से बचें।
साथियों बात अगर हम चुप रहकर भी अपनी दिमागी ताकत से जवाब देने की करें तो, चुप रहना और कुछ समय तक खुद को स्थिर रखना हमको एक अच्छा श्रोता और समीक्षक बनाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब हम चुप रहते हैं तो हम बोलने की बजाय अधिक से अधिक सुनते हैं और उसका विश्लेषण कर पाते हैं। इससे हम पूरे तर्क और वितर्कों को जानने के बाद सही फैसला ले पाते हैं। हम सभी पक्षों को सुनते, समझते और डिसिजन ले पाते हैं। चुप रहना हमारे दिमाग को शांत करता है और हमको लॉजिकल समीक्षक बनाता है हमारे चुप रहने से अनेक बार सामने वाले को सटीक जवाब भी मिल जाता है।
साथियों हमारे शरीर का सबसे जटिल हिस्सा दिमाग होता है। ये पूरे शरीर को चलाता है और ये हमारे सभी इमोशंस को कंट्रोल करता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने दिमाग को भी व्यायाम करवाएं। जिस तरह शरीर को मजबूत बनाने के लिए शारीरिक व्यायाम जरूरी है, उसी तरह दिमाग को मजबूत बनाने के लिए उनकी ताकत बढ़ाना जरूरी है। मौन रहना दिमाग के लिए एक व्यायाम जैसा ही है और इससे दिमाग की मांसपेशियां तंदरुस्त रहती हैं।चुप रहने के अपने शारीरिक और मानसिक फायदे भी हैं? विशेषज्ञ मानते हैं कि  चुप रहने से व्यक्ति दिमागदार और उत्पादक बनने की और अग्रसर होता है जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वाध्याय स्वास्थ्य सुधार होने की संभावना बनी रहती है। व्यर्थ का बोलना ऊर्जा को नष्ट करना है, और यह बोलना ही हमें कभी अपने भीतर की ओर लौट ने नहीं देता , क्योंकि यह हमें बाहर की ओर झुकाए रखता है और जिन्हें भीतर की यात्रा करनी है उन्हें अपने मुंह को बंद ही रखना चाहिए। चुप रहने में अद्भुत शक्ति है।
साथियों बात अगर हम किसी को माफ करने की करें तो, खुद को दुख पहुँचाने या धोखा देने वाले व्यक्ति को माफ करना सबसे कठिन काम है। हालाँकि, यदि हम किसी के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहते हैं, तो उस के लिए हमको माफ करना सीखना भी ज़रूरी है या फिर सीधे तौर पर बीते हुए पलों को भुलाकर, आगे बढ़ने की कोशिश करें। नकारात्मक भावनाओं से निपटना सीखें, हमको दुख पहुँचाने वाले व्यक्ति का सामना करें और अपने जीवन में आगे बढ़ते जाएँ। क्षमा करना पसंद करें, क्योंकि बड़े बुजुर्गों की कहावत भी है क्षमा दान महादान, क्षमा करके भी हम सामने वाले को एक यादगार सजा के रूप में दे सकते हैं। क्षमा की भावना लेकर, हमको नकारात्मकता को अपने से दूर करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए एकदम सचेत और सक्रिय निर्णय करने की ज़रूरत है। यह भावना आसानी से नहीं पनपती। खुद के अंदर क्षमा की भावना उत्पन्न करने के लिए हमको ही इस दिशा में कार्य करने की ज़रूरत है।
साथियों लोग अक्सर इस तरह की बातें करते हैं, कि वे उस इंसान को नहीं भुला सकते, जिसने उन के साथ कुछ ग़लत किया है। वे ऐसा मानते हैं, कि अपने अंदर मौजूद दर्द और धोखा मिलने की भावना को भूलना उन के लिए असंभव है। लेकिन लोग इस बात को महसूस करने में नाकाम रह जाते हैं, कि क्षमा करना भले ही हमारी पसंद है, लेकिन अगर हम उस व्यक्ति को क्षमा करने का निर्णय लेते हैं, जिसने हमको कष्ट दिया हैं, तो यदि इस निर्णय से किसी को लाभ होता है, तो वो सिर्फ़ हम हैं और सामने वाले को हमेशा के लिए उस माफी के रूप में एक सजा और हमारा बड़प्पन। जीवन में माफी मांगने की कला बहुत लोगों काे बहुत अच्छे से आती है तो वहीं कुछ लोगों को माफी मांगना उतना ही कठिन लगता है. दरअसल माफी मांगना या फिर किसी को क्षमा करना उतना भी सीधी-सादी बात नहीं है, लेकिन ऐसा करने के बाद व्यक्ति बड़ा सुकून मिलता है. हमारे यहां क्षमा को वीरों का आभूषण कहा गया है. जिससे व्यक्ति के जीवन में अहंकार दूर होता है और वह स्वस्थ मन से जीवन जीता है इसलिए भूल करना मनुष्य का स्वभाव है लेकिन क्षमा करना देवताओं का गुण है।
अतःअगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि मनुष्य में अनमोल गुणों का भंडार है। हम सफलताओं का हर दिन एक नया इतिहास रच सकते हैं।उनमें चुप रहना और माफ करना दो अनमोल हीरे हैं। चुप रहने से बड़ा कोई जवाब नहीं और माफ कर देने से बड़ी कोई सजा नहीं। मानवीय जीव में जन्म से ही भरपूर कौशलताएं समाई हुई है बस पहचान कर निखारनें की जरूरत है।

latest3 1
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

मथुरा डैम त्रासदी से सीख नहीं-नतीज़ा बरगी डैम त्रासदी दुर्घटना नहीं, संभवततः आपराधिक लापरवाही का आईना -पर्यटन सुरक्षा तंत्र की विफ़लता और जवाबदेही की कसौटी- व्यापक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 4, 2026
0
1

भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन तेजी से बढ़ी- सुरक्षा मानकों का अनुपालन केवल...

दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरणों की क्वालिटी में लापरवाही अब भारी पड़ेगी- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा 1 मई 2026 से नए गुणवत्ता मानक जारी- समग्र व्यापक विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 3, 2026
0
2

दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक अधिकारों का विस्तार- समानता से सुलभता तक: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 41 के...

नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 -1 मई 2026 को राजपत्र में अधिसूचित-भारत की नागरिकता व्यवस्था में डिजिटल युग का प्रवेश:व्यापक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
May 2, 2026
0
1

2009 के नियमों में डिजिटल तकनीक, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन और प्रवासी भारतीयों की बढ़ती संख्या ने नए सुधारों की मांग पैदा...

गोंदिया जिला बार एसोसिएशन चुनाव 30 अप्रैल 2026 – लोकतांत्रिक परंपरा,कड़ा मुकाबला और नई नेतृत्व टीम का उदय

by Dr. Parvinder Singh
May 1, 2026
0
230

नई टीम आने वाले समय में संगठन के विकास, अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक...

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक बंपर वोटिंग-“खेला होबे” बनाम “परिवर्तन होबे”-भारतीय राजनीति के भविष्य की दिशा तय होनें की संभावना-4 मई 2026 महीनों से लिखी जा रही कथा क़े नतीजों क़ा राजनीतिक निष्कर्ष होगा

by Page 3 News International Desk
May 1, 2026
0
20

पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान कोई साधारण घटना नहीं;यह चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि जनता के...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम हेट स्पीच- डिजिटल युग में हेट स्पीच दंगों व नफरतों को खुला आमंत्रण- कानून पर्याप्त या क्रियान्वयन की चुनौती?-सुप्रीम कोर्ट के 29 अप्रैल 2026 फैसले का व्यापक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
April 30, 2026
0
6

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है, लेकिन अनुच्छेद 19(2) के तहत...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

May 2026
MTWTFSS
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
« Apr    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • E-Magazine
  • Management Team
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.