
आर पी तोमर
नई दिल्ली, 30 दिसम्बर।
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की खबर सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है। रेहान की सगाई अवीवा बेग से होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि बेग खानदान की प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा से लंबे समय से पारिवारिक मित्रता है। बेग परिवार का गांधी परिवार से काफी पुराना परिचय है और इंदिरा गांधी के समय से ही इनके बीच जान पहचान है। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच सगाई का कार्यक्रम हो चुका है। सगाई कार्यक्रम में चुनिंदा लोगों को ही बुलाया गया। सगाई कार्यक्रम को काफी निजी रखा गया है। अवीवा और रेहान एक दूसरे को पिछले कई वर्षों से एक दूसरे के संपर्क में हैं।
रेहान वाड्रा हैं विजुअल आर्टिस्ट
रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी के बेटे रेहान एक विजुअल आर्टिस्ट हैं। अलग-अलग शहरों में रेहान अपने आर्टवर्क की प्रदर्शनी भी लगा चुके हैं। रेहान की कला में काफी रुचि है। रेहान का यही शौक है और पेशा भी। बता दें कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से रेहान ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आगे की शिक्षा लंदन जाकर पूरी की। बता दें कि अवीवा बेग दिल्ली की रहने वाली हैं। दिल्ली के ही जाने-माने मॉर्डन स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने जर्नलिज्म की पढ़ाई ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से की है। अवीवा पेशे से एक फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं। इसके साथ वह नेशनल लेवल की फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं।
कौन हैं रेहान वाड्रा?
29 अगस्त 2000 को जन्मे रेहान वाड्रा प्रियंका और रॉबर्ट के बड़े बेटे हैं। दोनों की एक बेटी मिराया वाड्रा भी हैं। रेहान की बात करें तो उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के श्री राम स्कूल और फिर उत्तराखंड के देहरादून में स्थित दून स्कूल में हुई है। इससे पहले उनके नाना राजीव गांधी और मामा राहुल गांधी भी कभी इसी स्कूल में पढ़े थे। रेहान की आगे की पढ़ाई ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में हुई है। रेहान ने स्कूल ऑफ ओरियंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (एसओएस) से राजनीति की पढ़ाई की है। हालांकि, राजनीति की पढ़ाई करने के बावजूद कुछ एक मौकों को छोड़ दें तो रेहान सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे हैं। बताया जाता है कि रेहान के हाथ में पहली बार 10 साल की उम्र में उनकी मां प्रियंका का कैमरा आ गया था। इसके बाद शुरू हुआ उनका फोटोग्राफी का सफर धीरे-धीरे शौक और फिर पेशे में बदल गया। मुंबई के कोलाबा में स्थित आर्ट गैलरी- एपीआरई आर्ट हाउस में रेहान की जो प्रोफाइल दर्शायी गई है, उसके मुताबिक वे वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी, स्ट्रीट फोटोग्राफी और कमर्शियल फोटोग्राफी से जुड़े रहे हैं।
2021 में दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में रेहान की फोटोग्राफी की पहली प्रदर्शनी लगी थी। इस शो की थीम रोशनी, अंतरिक्ष और समय पर आधारित थी। बताया जाता है कि इस प्रदर्शनी के जरिए उन्होंने अपनी आंख पर लगी उस चोट के अनुभवों को साझा किया था, जो उन्हें 2017 में क्रिकेट खेलते हुए लगी थी। इस प्रदर्शनी के दौरान रेहान ने एक मीडिया संस्थान से कहा था- “अपनी आंख की चोट के बाद मैंने काफी ब्लैक एंड व्हाइट शूटिंग शुरू की। मैंने इसके जरिए उस परिप्रेक्ष्य को समझने की कोशिश की कि कोई अंधेरे में रोशनी को कैसे देखता है।” मजेदार बात यह है कि जिस फोटोग्राफी के शौक को रेहान वाड्रा ने पेशा बनाया, कभी उसे लेकर उनके नाना राजीव गांधी बेहद जुनूनी थे। यहां तक कि उनकी मां प्रियंका गांधी वाड्रा भी फोटोग्राफी की दुनिया में उतरने को बेताब थीं। उन्हें यह जुनून और प्रतिभा अपने पिता से ही मिला था, जिन्होंने 12 साल की प्रियंका को तब कैमरे की बारीकियां समझाई थीं। बताया जाता है कि प्रियंका गांधी वाड्रा खुद अपनी फोटोग्राफी पर प्रदर्शनी कर चुकी हैं। हालांकि, दोनों ही बाद में राजनीतिक दुनिया में सक्रिय हो गए। खुद रेहान वाड्रा कह चुके हैं कि उन्हें फोटोग्राफी का शुरुआती प्रशिक्षण उनकी मां प्रियंका से ही मिला था। उन्होंने ही रेहान को कैमरे के उपकरणों से मिलाया। बकौल रेहान उनके घर पर उनकी पसंदीदा फोटग्राफ्स उनकी मां और नाना की खींची गई तस्वीरें हैं। इनमें एक तस्वीर उनकी नानी सोनिया गांधी की है, जिसे राजीव गांधी ने खींचा था। रेहान बताते हैं कि उनके काम में उनकी सबसे बेहतर आलोचक उनकी मां खुद हैं। ऐसे में जब भी अच्छा काम होता है तो उन्हें तारीफ मिलती है, लेकिन कई तस्वीरों में वे उन्हें और अच्छा काम करने की सलाह भी देती हैं। जिस आंख में चोट लगने की घटना का रेहान जिक्र करते हैं, वह 2017 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें लगी थी। रेहान की मां प्रियंका उस दौरान कांग्रेस के लिए प्रचार अभियान संभाल रही थीं। चूंकि रेहान की चोट गंभीर थी। इससे कुछ समय के लिए उनके फोटोग्राफी के शौक को विराम लग गया था। रेहान बताते हैं कि यह समय उन्हें थोड़ा परेशान कर रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने कैमरे को क्लिक करना शुरू किया। रेहान वाड्रा फुटबॉल के भी शौकीन रहे हैं। हालांकि, वे इसमें ज्यादा समय नहीं दे पाए। कुछ समय पहले ही उन्होंने बताया था कि उन्हें फुटबॉल खेलना अच्छा लगता है, लेकिन वह ज्यादातर टीमों को फुटबाल खेलते हुए देखते हैं। वह अपने दोस्त ध्रुव श्रीवास्तव की तरह के फुटबॉलर नहीं है। हालांकि उनका भी शौक वही है। शौक पूरा करने के सवाल पर बड़ी मासूमियत से कहते हैं कि फुटबॉल खेलने के लिए सबसे मुश्किल काम 10-12 लोगों को इकट्ठा करना है।
रेहान भले ही फुटबॉल को लंबे समय तक अपने जीवन से जोड़कर नहीं रख पाए, लेकिन उन्होंने फुटबॉल से जुड़ा एक पॉडकास्ट शुरू किया था। इसका नाम था- 18 यार्ड्स पॉडकास्ट, जिसमें फुटबॉल की दुनिया से जुड़ी खबरों की चर्चा होती है। इस पॉडकास्ट के स्पॉटिफाई, एपल, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों फॉलोअर्स हैं।
रेहान वाड्रा अपने नाना राजीव और मां प्रियंका गांधी वाड्रा की वजह से राजनीति से भी अच्छी तरह परिचित हैं। खासकर भाजपा नेता उन्हें समय-समय पर टारगेट करते रहे हैं। फरवरी 2023 में भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक पोस्ट कर रेहान को घेरा था। इस पोस्ट में मालवीय ने पूछा था कि अगर प्रियंका वाड्रा के बेटे रेहान अपना नाम रेहान राजीव गांधी कर सकते हैं तो उनके परिवार में कोई नेहरू सरनेम क्यों नहीं कर लेता? मजेदार बात यह है कि खुद रेहान भी राजनीति में अच्छी-खासी दिलचस्पी लेते रहे हैं। एक्स पर उनके हैंडल पर जो पोस्ट किए गए हैं, उनमें इस्राइल-हमास संघर्ष से लेकर उनके मामा राहुल गांधी, मां प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के सैकड़ों री-पोस्ट्स हैं। खुद रेहान भी कुछ मौकों पर राजनीति से जुड़े बयान देते या राजनीतिक मंचों पर दिखे हैं। जैसे दिसंबर 2022 में जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश से गुजर रही थी, तब रेहान अपनी माता-पिता के साथ इस यात्रा का हिस्सा बने थे। इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनाव में रेहान अपनी बहन मिराया के साथ दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित आदर्श स्कूल पर वोट डालने पहुंचे थे। बूथ के बाहर जब उनसे चुनाव को लेकर सवाल किया गया तो रेहान ने इसे बेहद अहम चुनाव करार दिया था और सभी युवाओं से बड़ी संख्या में निकलकर वोट देने और ‘संविधान को बचाने’ का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि युवा ही सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। रेहान ने कहा था कि उनके लिए महंगाई, रोजगार और संविधान मुद्दा हैं। इसके अलावा रेहान अलग-अलग मौकों पर अपने मामा राहुल गांधी की तरह ही सफेद कुर्ते-पायजामे में घूमते देखे गए हैं। आज से करीब 10 साल पहले वे अपने दोस्तों के साथ राहुल के लोकसभा क्षेत्र अमेठी पहुंचे थे, जहां उनकी चारपाई पर बैठकर खाना खाने और गांववालों से बात करने की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं। हालांकि, उस दौरान रेहान काफी छोटे थे और तब से लेकर अब तक काफी समय बीत चुका है।
कौन है अवीवा बेग?
अवीवा के लिंकडिन प्रोफाइल के मुताबिक, वो दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और संचार की पढ़ाई की। जबकि दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से ह्यूमिनिटीज में स्कूली शिक्षा पूरी की है। जबकि वो एक फोटोग्राफर भी हैं। जानकारी के मुताबिक, अविवा ने मीडिया और संचार के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है। इसके अलावा जानकारी के मुताबिक, अवीवा ‘एटेलियर 11’ नाम की एक कंपनी की को-फाउंडर भी हैं, जो एक फोटोग्राफी स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनी है। यह कंपनी पूरे भारत में एजेंसियों, ब्रांड्स और क्लाइंट के साथ काम करती है। उनकी फोटोग्राफी रोजमर्रा की जिंदगी को दिखाती है। अवीवा ने मेथड गैलरी के साथ ‘यू कैन नॉट मिस दिस’ (2023), इंडिया आर्ट फेयर के यंग कलेक्टर प्रोग्राम के हिस्से के रूप में ‘यू कैन नॉट मिस दिस’ (2023), द क्वोरम क्लब में द इल्यूसरी वर्ल्ड (2019), और इंडिया डिजाइन आईडी, के2 इंडिया (2018) जैसी एक्जिबीशन में अपनी फोटोग्राफी को दिखाया। अवीवा फोटोग्राफी के अलावा देश-विदेश घूमने की भी बड़ी शौकीन है। उनकी प्रोफाइल पर क्रोएशिया, बार्सिलोना, लंदन, बैंकॉक और फ्रांस समेत देश के कई शहरों की तस्वीरें मौजूद हैं। अवीवा ने दिल्ली, नागपुर, लद्दाख और बनारस समेत कई शहरों की भी अद्भुत तस्वीरें साझा की हैं। वो वायनाड भी विजिट कर चुकी हैं।