महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।
राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट से ऐतिहासिक सबूत और दस्तावेज़ वापस मांगेगा।
इन्हीं सबूतों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था।
पुरातत्व विभाग की खुदाई में मिले सभी साक्ष्य फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के पास सुरक्षित हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट न्यायालय को औपचारिक पत्र लिखकर दस्तावेज़ सौंपने का अनुरोध करेगा।
निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा—अब फैसले को चुनौती देने वाला कोई नहीं है।
सभी ऐतिहासिक साक्ष्य राम मंदिर परिसर में बन रहे संग्रहालय में संरक्षित किए जाएंगे।
मंदिर परिसर में रामायण काल से जुड़े प्रसंगों की विशेष गैलरियां बनाई जा रही हैं।
गैलरी निर्माण और प्रस्तुति के लिए आईआईटी चेन्नई के साथ एमओयू किया जा रहा है।
हनुमान जी की मूर्ति को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
मार्च 2026 तक गैलरियों के तैयार होने की उम्मीद जताई गई है।
देश-विदेश की प्राचीन रामायणों का संग्रह भी मंदिर परिसर में किया जाएगा।
बाल्मीकि रामायण की प्राचीन प्रति गर्भगृह में रखने के लिए वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय से संपर्क किया जा रहा है