महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या.
राम नगरी में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या एवं नौकायन (बोटिंग) के प्रति उनकी गहरी रुचि को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा पर्यटन से जुड़े हितधारकों, विशेष रूप से नाविकों, के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। नया घाट क्षेत्र के नाविकों के लिए एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम होटल साकेत, निकट अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, अयोध्या में आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन आज जिलाधिकारी श्री निखिल टीकाराम फुंडे द्वारा किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य नाविकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का सशक्त प्रतिनिधि (फ्लैग बेयरर) बनाना है। प्रशिक्षण में नाविकों को नई तकनीकों जैसे डिजिटल भुगतान, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव, तथा स्टोरीटेलिंग जैसी पारंपरिक कला से जोड़ना है तथा प्रथम उपचार (फर्स्ट एड) एवं सीपीआर पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में एसडीआरएफ प्रतिनिधि द्वारा नदी में उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने, आपातकालीन स्थितियों में सतर्कता तथा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव दिए गए।
कार्यक्रम में उप निदेशक (अयोध्या/देवीपाटन मंडल) श्री ब्रजपाल सिंह, मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म मैनेजमेंट के सहायक प्राध्यापक श्री सुयाश गुप्ता तथा एसडीआरएफ से सब-इंस्पेक्टर श्री निखिल कुमार उपस्थिति रहे। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज़्म मैनेजमेंट, लखनऊ द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस अवसर पर होटल साकेत, अयोध्या के जनरल मैनेजर श्री रविकांत एवं कार्यक्रम समन्वय में सहयोग देने वाले अभिजीत कटियार, रिसर्च स्कॉलर एवं सी.एम. टूरिज्म फेलो – अयोध्या का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके उत्कृष्ट प्रबंधन, सक्रिय समन्वय एवं सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो रहा है। प्रशिक्षण के सफल समापन के पश्चात प्रतिभागी नाविकों को पहचान पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी विश्वसनीयता एक प्रशिक्षित नाविक के रूप में बढ़ेगी और सरकार के प्रति उनका विश्वास सुदृढ़ होगा। यह पहल नाविकों के जीवन में सकारात्मक एवं दीर्घकालिक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।