ईश्वर-अल्लाह पर यक़ीन रख,हर मुश्किल आसान होगी,
तेरी ख़ामोश दुआ भी एक दिन,तेरी पहचान होगी।
जब दुनियाँ के दरबारों में,हर उम्मीद बिखर जाएगी,
रब को वकील बना लेना,तेरी क़िस्मत सँवर जाएगी।
न गवाहों की ज़रूरत होगी,न दलीलों का व्यापार,
रब की रहमत खोल देगी,बंद पड़े क़िस्मत के द्वार।
जहाँ इंसाफ़ की राहों में,हर कोशिश थक जाती है,
वहाँ मालिक की मेहरबानी,नई राह दिख़ाती है।
न फ़ीस की कोई चिंता होगी,न ख़र्चों का हिसाब,
रब की चौखट पर मिलता है,सुकून का लाजवाब ख़्वाब।
वो बिना किसी क़ीमत के,हौसलों को सँभालता है,
जो उसपर यक़ीन रखता है,उसे गिरकर भी उठाता है।
ज़िंदगी के मुक़दमों में,कभी हार से मत घबराना,
अँधेरों की अदालत में भी,उम्मीद के दीप जलाना।
तेरा ईमान अगर सच्चा है,तो हौसला बनाए रखना,
रब पर भरोसा करके,अपना कर्म निभाते रहना।
जो रब को अपना,सबसे बड़ा वकील बनाता है
वो तूफ़ानों के सीने में भी,उम्मीद के फूल खिलाता है।
किशन हर फ़ैसला मनचाहा हो,ये ज़रूरी तो नहीं होता,
रब पर यक़ीन रखने वाला,सफ़लता कभी नहीं खोता।

