आर पी तोमर
नई दिल्ली, 24 नवंबर।
दिल्ली के इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ चल रहे एक प्रदर्शन ने उस समय बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के पोस्टर और नारे लगा दिए। हिडमा की हाल ही में आंध्र प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। यह मामला तेजी से बढ़ा और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। 23 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिन्हें दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा और अवैध विरोध के आरोप में दो अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कर्तव्यपथ पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में छह पुरुष प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आईपीसी की धाराएं 74, 79, 105(2), 132, 221, 223 और 6(2) के तहत कार्रवाई की गई है। दूसरी एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना में दर्ज की गई, जिसमें 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ धाराएं 223A, 132, 221, 121A, 126(2) और 3(5) लगाई गई हैं। कुल मिलाकर 23 लोगों को मामले में गिरफ्तार किया गया है। विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के सी हेक्सागन क्षेत्र में बैठे दिखे। उनमें से एक प्रदर्शनकारी हाथ में माडवी हिडमा का स्केच वाला पोस्टर लिए हुए था। इस दौरान “कितने हिडमा मारोगे। “हर घर से निकलेगा हिडमा” और “अमर रहे हिडमा” जैसे नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारी ट्रैफिक रोकने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें हटाने गई पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने पेपर स्प्रे भी किया। इसके बाद उन्हें हटाया गया, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दिल्ली में किसी भी प्रदर्शन की अधिकृत जगह जंतर मंतर है, इंडिया गेट नहीं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल दिल्ली की जहरीली हवा के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हिडमा एक आदिवासी था जो अपने अधिकारों के लिए लड़ा। तरीके पर असहमति हो सकती है, लेकिन उसके संघर्ष को नकारा नहीं जा सकता।” हालांकि यह बयान भी विवाद को और बढ़ाता दिखा। दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह “ऐसी विचारधारा के खिलाफ उचित जवाब” है। उन्होंने प्रदर्शन में हिडमा के पोस्टरों को लेकर कहा कि यह “नक्सलियों की विचारधारा को प्रदूषण आंदोलन के नाम पर आगे बढ़ाने की कोशिश” है। इस प्रदर्शन का आयोजन दिल्ली कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर क्लीन एयर ने किया था, जो राजधानी की जहरीली हवा और सरकार की ‘कॉस्मेटिक’ कोशिशों जैसे पानी छिड़काव और बादल बनाने की तकनीक पर आपत्ति जता रही है। समूह का कहना है कि सरकार की विकास नीतियां, जैसे जंगलों की कटाई, खनन, और तेजी से विस्तार देश में प्रदूषण और चरम मौसम को बढ़ावा दे रहे हैं।
दिया गया था लाल कफन
खूंखार नक्सली हिडमा का खात्मा हो गया है। गुरुवार को पूवर्ती गांव में हिडमा और उसकी पत्नी राजे का अंतिम संस्कार किया गया। पूवर्ती गांव के आसपास 10 किमी तक पुलिस का पहरा था। इसकी वजह से कोई नक्सली हिडमा की अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया। उसे लाल कफन दिया गया तथा जात में शामिल किया गया। नक्सलियों को ही लाल कफन दिया जाता है। पहले गांव के लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि हिडमा मारा गया। झोपड़ीनुमा घर में उसकी बूढ़ी मां रहती है। हिडमा के गांव में उसकी मौत पर नारों की गूंज नहीं रोने-बिलखने की आवाज आ रही थी। हिडमा अपने इलाके के लिए नक्सलवाद का पोस्टर बॉय था। उसकी मौत पर गांव में मातम है लेकिन हिडमा ने सैकड़ों माताओं की गोदें सुनी की है और महिलाओं के सुहाग उजाड़े हैं। गांव के कई लोगों ने आज तक हिडमा को देखा नहीं है। बूढ़ी मां के लिए हिडमा के गांवों वालों ने कंबल और चादरें दान कीं, ताकि चिता आसानी से जल सके।
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महेंद्र त्रिपाठी अयोध्या।महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा...
