भारत की सक्रिय कूटनीति, वैश्विक रणनीतिक साझेदारियाँ मील का पत्थर साबित होगी- वैश्विक निवेश प्रवाह, विदेशी संस्थागत निवेश,ऊर्जा कंपनियों रक्षाउद्योग टेक्नोलॉजी सेक्टर पर दुर्गामी प्रभाव -समग्र व्यापक विश्लेषण
भारत अब कूटनीति के माध्यम से विश्व राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा...




