
नई दिल्ली: राजधानी में पशु कल्याण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सभी 13 राजस्व जिलों में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) समितियां गठित करने का निर्णय लिया गया है। इन समितियों की कमान संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के हाथ में होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व जिलों के हालिया पुनर्गठन के बाद यह निर्णय लिया गया है, ताकि पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन जिला स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके। सभी एसपीसीए समितियां पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत कार्य करेंगी और इनमें पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञों सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीएम की अध्यक्षता में कार्यरत ये समितियां पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में त्वरित कार्रवाई, बेहतर निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करेंगी, जिससे जमीनी स्तर पर व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। राज्य स्तर पर गठित एनिमल वेलफेयर बोर्ड इस पूरी प्रणाली का शीर्ष निकाय होगा, जो कानून के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ जिला स्तर की समितियों को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दिल्ली सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (डीएसपीसीए) को बंद कर दिया जाएगा, जिससे प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि पशुओं का संरक्षण एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य स्तरीय एनिमल वेलफेयर बोर्ड और जिला एसपीसीए का यह संयुक्त ढांचा राजधानी में पशु कल्याण के क्षेत्र में ठोस सुधार सुनिश्चित करेगा और दिल्ली को अधिक मानवीय व उत्तरदायी समाज बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।