
मनरेगा बचाने को 5 जनवरी से अभियान
आर पी तोमर
नई दिल्ली, 27 दिसम्बर।
शनिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में मनरेगा की जगह नया कानून लाने, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी बात हुई। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे।
कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण एक गंभीर मुद्दा है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की सोची-समझी साजिश है। खरगे ने मनरेगा की जगह नया कानून लाने पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम मनरेगा को लेकर ठोस रणनीति बनाएं और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी जन अभियान चलाएं। बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और सरकार के खिलाफ कांग्रेस के एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। साथ ही मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून ‘विकासशील भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी एक्ट के खिलाफ रणनीति भी तय की गई। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि इस कानून के विरोध में देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे।बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों- तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इनके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के प्रमुखों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। अगले साल असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कार्यसमिति की बैठक में इन चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
गौरव गोगोई ने असम सीएम पर भी निशाना साधा और कहा, ‘हिमंत बिस्वा सरमा के राज में, रोजाना भ्रष्टाचार और कुशासन का पर्दाफाश हो रहा है। हर दिन, आप उनके कैबिनेट के किसी न किसी विधायक के बारे में गलत कारणों से खबरें देखते हैं। कभी गायों की तस्करी में शामिल, कभी जमीन खरीदने को लेकर किसी को धमकी देना, कभी अवैध रेत माफिया या कोयला माफिया से जुड़े होना, और तो और किसी की नागरिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हिमंत बिस्वा सरमा सरकार में एक विधायक हैं जिनकी बांग्लादेशी होने की पहचान पर सवाल उठे हैं। ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब वह खुद नहीं दे पाए हैं।’ कार्यसमिति की बैठक से पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
शशि थरूर भी रहे शामिल
पिछली तीन बैठकों में न पहुंचने वाले शशि थरूर लंबे समय बाद भागते-भागते कांग्रेस की बैठक में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान मीडिया का अभिवादन भी किया। वह भागने के दौरान मुस्कुराते हुए नजर आए। बता दें कि वह बीते कई महीनों से कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं हो रहे थे। इतना ही नहीं कांग्रेस की लाइन से हटकर बयानबाजी भी कर रहे थे। लेकिन अब बीते कुछ दिनों से मोदी सरकार पर भी हमला बोलते नजर आए। इन नेताओं ने भी की शिरकत
बैठक में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद राजीव शुक्ला और सांसद अभिषेक मनु सिंहवी सहित अन्य नेता भी मौजूद थे।
देश व्यापी मनरेगा बचाओ अभियान चलाएगी कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच जनवरी से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी खरगे की तरह ही अपील की है। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद खरगे ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और सरकार के फैसले का विरोध करेगी। खरगे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कि यह संविधान की ओर से दिया गया काम करने का अधिकार है। इसे कमजोर या खत्म करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा को खत्म करने के फैसले से लोग नाराज हैं और सरकार को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। खरगे के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।