जहाँ प्रयत्नों की ऊँचाई,आसमान छू जाती है,
वहाँ किस्मत भी झुककर,राह बनाने आती है।
जो ठान लेता है मन में,मंज़िल को पाने का जुनून,
उसके कदमों की आहट से,काँप उठता है सुकून।
लकीरों के भरोसे बैठना,कमज़ोरों की पहचान है,
मेहनत से इतिहास रचना,हौसलों का ऐलान है।
जो पसीने से सींचता है,अपने सपनों का संसार,
उसकी तक़दीर भी करती है,सफ़लता का शृंगार।
रास्तों में काँटे हों,या तूफ़ानों का पहरा हो,
सीने में हौसला ज़िंदा हो,तो हर मुश्किल बौना हो।
जो गिरकर भी उठता है,और चलता है निरंतर,
वही अपनी मेहनत से,बदल देता है समंदर।
नसीबों की चौखट पर,कब तक माथा टेकेंगे,
कर्मों के दीप जलाकर,अँधियारों को समेटेंगे।
जो अपनी मेहनत से लिखता है,जीवन का नया विधान,
उसके आगे झुक जाता है,वक़्त और आसमान।
इरादों में आग हो,और आँखों में हो विश्वास,
मेहनत बन जाए साथी,तो पूरी होती है हर आस।
किशन जहाँ कर्मों की ऊँचाई,छूने लगे आसमान,
वहाँ नसीब भी झुककर कहता है,तू ही है महान!


