इतिहास कहता है,बीते कल में सुख का संसार था,
विज्ञान कहता है,आने वाला कल और भी शानदार होगा
पर मानवता ने मुस्कुराकर इतना-सा संदेश दिया,
सच्चा मन हो,अच्छा हृदय हो,तो आज ही त्योहार होगा।
बीते कल की यादों में क्यों आज़ को हम खोते रहें,
आने वाले कल की आशा में क्यों हर पल रोते रहें।
जो मिला है आज़ जीवन में,उसका अभिनंदन कीजिए,
प्रेम के दीपक जलाकर हर घड़ी आनंद से जीते रहें।
सुख न बीते कल में छिपा,न भविष्य की पहचान है,
सुख तो निर्मल भावनाओं से सजा वर्तमान है।
मन में छल न हो,हृदय में प्रेम की गंगा बहे,
फिर तो हर सुबह उत्सव और हर शाम वरदान है।
दौलतों के ढेर भी मन को सुकून दे नहीं सकते,
झूठ के महल कभी सच्चे सुखों में ढल नहीं सकते।
करुणा,सेवा,प्रेम और विश्वास जिसके साथ हों,
उसके जीवन के उजाले आँधियों से बुझ नहीं सकते।
इसलिए हर दिन को सुंदर आज बनाकर देखिए,
सच्चे मन से प्रेम का संसार सजाकर देखिए।
किशन सुख न कल की बात है,न कल का कोई इंतज़ार
हृदय अच्छा हो तो हर रोज़ मुस्कुराकर देखिए।

