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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में 3 नवंबर को उस वक्त सनसनी फैल गई थी, जब दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी सुरेश कुमार राठी (59) की लाश उनके फ्लैट के बाथरूम में खून से लथपथ मिली थी। गला रेतकर की गई हत्या में चाकू के गहरे घाव साफ दिख रहे थे। उनके बेटे अंकुर राठी ने खुद पुलिस को इस घटना की सूचना दी थी। वारदात के 24 घंटे बाद भी दिल्ली पुलिस खाली हाथ है। मामला रोहिणी सेक्टर-24, पॉकेट-16 का है, जहां सुरेश राठी के दो अलग-अलग फ्लैट हैं। वह उसी पॉकेट के दूसरे फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहते थे और जिसमें उनकी लाश मिली, उस फ्लैट को कभी-कभी इस्तेमाल करते थे। 3 नवंबर की दोपहर 3:30 बजे बेगमपुर थाने में पीसीआर कॉल आई। कॉलर अंकुर राठी ने बताया कि उनके पिता का मर्डर हो गया है। सुरेश राठी की बेटी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में मेजर हैं। अंकुर ने पुलिस को बताया कि पिछले दो दिन से उनके पिता घर नहीं आए थे और फोन भी नहीं उठा रहे थे। चिंता होने पर वह चाबी लेकर दूसरे फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से सेंट्रल लॉक था। उन्होंने मास्टर की से दरवाजा खोला और अंदर जाकर जब तलाशी ली, तो बाथरूम में खून से लथपथ पिता सुरेश राठी की लाश देखी। उनकी दाहिनी गर्दन पर चाकू का गहरा घाव था और फर्श खून से सना था। पुलिस के पहुंचने पर क्राइम टीम, एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया। रोहिणी के डीसीपीराजीव रंजन ने बताया कि प्रथम दृष्टया फ्रेंडली एंट्री का मामला लग रहा है। यानी हत्यारा कोई परिचित था, जिसे सुरेश ने खुद अंदर आने दिया। कोई तोड़फोड़ या चोरी के निशान नहीं मिले हैं। सुरेश राठी के शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस को संदेह है कि यह व्यक्तिगत रंजिश या आर्थिक लेनदेन में की गई हत्या हो सकती है। दिल्ली जल बोर्ड में पद का दुरुपयोग या कोई पुराना विवाद भी जांच के दायरे में है। पुलिस ने BNS की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
वक्त कभी किसी का सगा नहीं
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है - हम खुद अपने ही पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण...