दुनियाँ में दो चेहरे हैं,जिनमें रब का नूर समाया है,
एक माँ,जिसने बिन कहे मन का हर दर्द पढ़ पाया है।
दूजा पिता,जो आने वाले कल की आहट पहचान लेते हैं,
ये दो सच्चे ज्योतिषी हैं,जो जीवन का अर्थ समझा देते हैं।
माँ आँखों की नमी से दिल का हाल बता देती है,
बिन बोले मन की उलझन को पल भर में सुलझा देती है।
खुद दर्द छिपाकर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान सजाती है,
माँ ही है,जो खामोशी में दिल की आवाज़ सुन जाती है।
पिता की नज़र में छिपा होता है भविष्य का पैगाम,
उनकी सीख में मिलता है जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान
खुद धूप में जलकर बच्चों के लिए छाँव बन जाते हैं,
आने वाली ठोकरों से बचाने को राह पहले ही दिखाते हैं।
माँ पढ़ती है मन की भाषा,पिता वक्त की चाल समझते हैं,
माँ आँसू पहचानती है,पिता मुश्किलों के जाल समझते हैं
माँ ममता से हौसला देती,पिता संघर्षों से लड़ना सिखाता है
दोनों का निःस्वार्थ प्रेम ही जीवन को संवार जाता है।
न धन से तौले जा सकते,न शब्दों में इनका बखान,
माँ की ममता सबसे पावन,पिता का साया सबसे महान।
किशन दुनियाँ के ज्योतिषियों से इनका अनुभव अनमोल है
माँ दिल का भविष्य जानती है,पिता जीवन का मोल है।
