महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।
अयोध्या में निषाद राज चौराहे से रामकोट परिक्रमा का आयोजन किया गया।
परिक्रमा का नेतृत्व धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे ने किया।
संतोष दुबे पहले बाबरी विध्वंस मामले के आरोपी रह चुके हैं।
परिक्रमा मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के जयकारों के साथ शुरू हुई।
बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हुए।
आयोजन का उद्देश्य कारसेवकों और रामभक्तों के सम्मान की मांग उठाना था।
संतोष दुबे ने कहा कि कारसेवकों को उचित सम्मान और परिवारों को सहायता मिले।
जिन कारसेवकों ने प्राण गंवाए, उनकी मूर्तियां अयोध्या चौराहों पर लगाने की मांग की गई।
जिन्होंने कारसेवकों का अपमान किया या गोली चलवाई, उन्हें अयोध्या से दूर रखने की बात कही गई।
लखनऊ राजमार्ग का नाम स्वर्गीय राम अचल गुप्ता के नाम पर रखने की मांग उठी।
टेढ़ी बाजार चौराहे को राजेंद्र धरकार के नाम से करने की मांग भी रखी गई।
लता मंगेशकर के स्थान पर चौराहे का नाम शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के नाम पर करने की मांग हुई।
हनुमानगढ़ी मार्ग का नाम कोठारी बंधुओं के नाम पर रखने की बात कही गई।
शलाका पुरुष रामचंद्र परमहंस और अशोक सिंघल की मूर्ति सरयू तट पर लगाने की मांग उठाई गई।
परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा कर्मी और स्वयंसेवक तैनात रहे, और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक परिक्रमा पूरी की।