आर पी तोमर
नई दिल्ली। लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल ने जांच एजेंसी के सामने कबूला है कि उन्होंने साल 2023 में दिल्ली और कई शहरों में ब्लास्ट की साजिश रची थी। आतंक के ये डॉक्टर कई महीनों से ब्लास्ट के लिए विस्फोटक, रिमोट और अन्य डिवाइस का इंतजाम कर रहे थे। अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया ख़रीदने की ज़िम्मेदारी मुज़म्मिल की थी. मुजम्मिल ने गुरुग्राम और नूंह से 26 क्विंटल एनपीके खाद खरीदी थी। इस खाद को विस्फोटक में तब्दील करने की जिम्मेदारी डॉक्टर उमर मोहम्मद की थी। उमर मोहम्मद को ही विस्फोट के लिए केमिकल, रिमोट और डिवाइस अरेंज करने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में फरीदाबाद में डॉक्टर मुजम्मिल शकील गनी के ठिकाने से ऐसे सबूत मिले हैं, जो बताते हैं कि यहां एक संगठित ‘व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल’ लंबे समय से सक्रिय था। सामान्य घरों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को विस्फोटक तैयार करने के लिए बदला जा रहा था। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए डॉक्टर मॉड्यूल तैयार किया था…. मॉड्यूल को बम बनाने के फॉर्मूले और तकनीक के लिए कई वीडियो भी भेजे गए थे। डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर उमर को 40 से अधिक वीडियो भेजे थे, इन वीडियो में बम बनाने की विधि विस्तार से बताई गई थी। पाकिस्तान से जैश के हैंडलर ने डॉ. मुज्जमिल गनई और डॉ. उमर को बम बनाना सिखाने के लिए 40 से ज्यादा वीडियो भेजे थे। मुज्जमिल और उमर को जम्मू के शोपियां के रहने वाले मौलवी इरफान अहमद ने मिलवाया था। इसके बाद सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल तैयार किया था और कई डॉक्टरों को इससे जोड़ा गया। दिल्ली धमाका भी इसी मॉड्यूल का हिस्सा था। जैश हैंडलर के भेजे वीडियो देखने के बाद डॉ. मुज्जमिल, उमर व उसके साथी यूरिया से विस्फोटक बनाने के लिए अमोनियम नाइट्रेट निकालने का काम करने लगे। नूंह में आटा-चक्की में यूरिया को पीसकर इलेक्ट्रिकल मशीन से अमोनियम नाइट्रेट को रिफाइन कर धौज और फतेहपुर तगा में स्टोर किया गया था। ये मशीनें टैक्सी ड्राइवर के घर से पुलिस ने बरामद कर ली हैं।
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर लैब, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी वार्ड, जनरल वार्ड, इमरजेंसी का निरीक्षण किया। टीम अब रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भेजेगी। आशंका है कि लैब से केमिकल चोरी किया जा रहा था।
एक और गिरफ्तारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने शनिवार को ‘सफेदपोश टेरर मॉड्यूल’ मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शहर के बटमालू इलाके के निवासी तुफेल नियाज भट के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी मॉड्यूल की चल रही जांच के तहत की गई है। यह पूरा मॉड्यूल अक्तूबर के मध्य में बुनपोरा और नौगाम में पुलिस और सुरक्षाबलों को धमकी देने वाले पोस्टरों की जांच के दौरान पकड़ा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (श्रीनगर) डॉ. जी.वी. सुंदर चक्रवर्ती ने खुद इस मामले की जांच का नेतृत्व किया। सीसीटीवी फुटेज और जांच के बाद पहले तीन संदिग्ध आरिफ निसार दर (उर्फ साहिल), यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद दर (उर्फ शाहिद) को गिरफ्तार किया गया। उनके पूछताछ से मौलवी इरफान अहमद, एक पूर्व पैरामेडिक और मौलाना, गिरफ्तार हुए, जिन्होंने कथित रूप से पोस्टर सप्लाई किए और डॉक्टरों को उग्रवादी बनाया। जांच का पता अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद तक गया, जहां डॉ. मुजजफर गनाई और डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया गया और लगभग 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
