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नई दिल्ली। लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच में दिल्ली पुलिस को 9एमएम के तीन कारतूस मिले हैं, जबकि उन्हें चलाने वाली पिस्टल अब तक नहीं मिली है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के कारतूस भी मिसिंग नहीं पाए गए, जिससे जांच नए सवालों पर पहुंच गई है। ब्लास्ट के तुरंत बाद का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें लोग घायलों को रेहड़ी और ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाते दिख रहे हैं। मिले कारतूसों में से दो जिंदा कारतूस हैं, जबकि एक खाली खोखा मिला है। जानकारी के लिए बता दें कि 9 एमएम की पिस्टल आम लोग नहीं रख सकते। ये कारतूस आमतौर पर फोर्सेज या पुलिसकर्मी ही इस्तेमाल करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी बात ये है कि मौके से पुलिस को कोई पिस्तौल या उसका कोई पार्ट नहीं मिला है। यानी गोली के कारतूस तो मिले, पर उन्हें चलाने वाला हथियार अभी तक नहीं मिला है। पुलिस के सूत्रों का ये भी कहना है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अपने स्टाफ के कारतूस चेक करवाए तो उनके कोई कारतूस मिसिंग नहीं पाए गए। पुलिस अब ये पता करने कि कोशिश कर रही है कि आखिरकार ये कारतूस यहां कैसे आए और क्या ये ब्लास्ट के बाद आई20 कार से गिरे थे।
प्रदेश सरकार का बजट ऐतिहासिक- महन्थ गिरीश पति त्रिपाठी मेयर
महेंद्र त्रिपाठी अयोध्या।महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा...
