चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
राजधानी में आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली सरकार ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सैटेलाइट तकनीक के जरिए आपदाओं की निगरानी करने का निर्णय लिया है। साथ ही करीब 21,000 करोड़ रुपये की फ्लड कंट्रोल योजना को भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।
यह निर्णय उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सह-अध्यक्षता में हुई दिल्ली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीएसडीएमए) की बैठक में लिया गया। बैठक में राजधानी में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में ‘दिल्ली अर्बन फ्लड मिटिगेशन प्लान’ को मंजूरी देते हुए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, बड़े नालों की सफाई, अतिरिक्त स्टॉर्म वॉटर चैनल बनाने और रियल-टाइम फ्लड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य मॉनसून के दौरान शहरी बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम करना है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी बैठक में अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के संतुलित उपयोग, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखने तथा संकट की स्थिति में आवश्यक संस्थानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के मद्देनजर ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दिल्ली में अत्याधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से एआई और सैटेलाइट डेटा की मदद से आपदाओं का पूर्वानुमान, रियल-टाइम समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। इनका उपयोग बाढ़, भूकंप, आग और रासायनिक हादसों सहित सभी आपात स्थितियों में किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को आपदा के प्रति अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 सूत्रीय एजेंडे को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाया जाएगा।
