
आर पी तोमर
नई दिल्ली, 25 दिसम्बर।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को अटल कैंटीन की शुरुआत की। यहां केवल 5 रुपये में खाना मिलेगा। इस पहल का जिक्र भाजपा के दिल्ली चुनाव घोषणापत्र में भी था। पूरे दिल्ली में 100 जगहों पर अटल कैंटीन होंगी। अभी सरकार ने केवल 45 कैंटीन लॉन्च की हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाले 15 दिनों में 55 और कैंटीन शुरू की जाएंगी। इन कैंटीन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में जरूरतमंद अब पांच रुपए में अटल कैंटीन में भोजन कर पाएंगे। इस कैंटीन के जरिए एक सेवा जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने की कोशिश है। यहां कोई भी सम्मानजनक तरीके से पांच रुपये में खाना खा सकता है। इसके लिए 25 रुपये की सब्सिडी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अटल कैंटीन दिल्ली की आत्मा बनेगी, अब यहां किसी को भी भूखा नहीं सोना पड़ेगा। मुख्यमंत्री अटल कैंटीन में मेट्रो से गई।
5 रुपये में भरपेट भोजन के लिए अटल कैंटीन में टोकन लेने से पहले फोटो खींची जाएगी और नाम दर्ज किया जाएगा। उसके बाद टोकन दिया जाएगा। एक समय मे एक व्यक्ति को केवल एक टोकनही दिया जाएगा। दूसरा टोकन तीन घंटे बाद ही मिलेगा। दिल्ली में अभी अटल कैंटीन नरेला (सेक्टर A-6, होलांबी कलां),
बवाना (शाहबाद दौलतपुर, एसआरएस बवाना), जंगपुरा, ग्रेटर कैलाश, आदर्श नगर, शालीमार बाग, वजीरपुर, तिमारपुर, शकूरबस्ती, मंगोलपुरी, राजौरी गार्डन, मादीपुर, शकूरपुर, मोती नगर, राजिंदर नगर
विकासपुरी, मटियाला, द्वारका
नजफगढ़, पालम, महरौली, आरके पुरम व छतरपुर (शांति कैंप, भाटी माइंस) सहित 45 जगह खुली है। बाकी 55 कैंटीन भी जल्द खोली जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रारंभिक चरण चालू हो जाने के बाद, मांग और फीडबैक के आधार पर अटल कैंटीन नेटवर्क का और विस्तार करने की भी सरकार की योजना है। इन कैंटीन में दिन में दो बार भोजन दिया जाएगा। दोपहर का भोजन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच और रात का भोजन शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे के बीच दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि हर कैंटीन में रोजाना करीब 500 से 1000 लोगों को खाना खिलाया जाएगा। खाने में दाल और चावल, रोटी और सब्जी होगी। भोजन के लिए मैन्युअल कूपन की जगह डिजिटल टोकन सिस्टम का इंतजाम किया गया है। कैंटीन की रियलटाइम मॉनिटरिंग सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी। अटल कैंटीन में एलपीजी वाले चूल्हे, इंडस्ट्रियल ग्रेड के आरओ वाटर सिस्टम और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं होंगी. कैंटीन में परोसे जाने वाले खाने के नमूनों का फ़साई और नेबल से मान्यता प्राप्त लैब में नियमित जांच होगी. कैंटीन चलाने वालों को हर महीने एक रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें हाइजीन स्टैंडर्ड, स्टाफ हेल्थ और सेफ्टी कंप्लाइंस के बारे में बताना होगा।