• About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
Wednesday, February 11, 2026
  • Login
  • Register
Page3News Worldwide
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
  • Home
  • Page 3 Family
    • E-Paper
    • E-Magazine
    • Management Team
  • Subscriptions
  • Countries
    • USA
    • Canada
    • India
    • Balochistan
    • Thailand
    • UK
    • Australia
  • Language Wise News
    • Thai News
    • Punjabi News
    • Hindi News
  • Other News
    • World News
    • Latest Movie Reviews
    • Culture
    • Finance
    • Hollywood
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Lifestyle
    • Fashion
    • food
    • Health
    • Travel
    • Politics
    • Science
    • Tech
  • Multilingual Editorial
    • English Editorials
    • Thai Editorials
    • Hindi Editorials
    • Punjabi Editorials
    • Page3News Special
No Result
View All Result
Page3News Worldwide
No Result
View All Result
Home Hindi Editorials

अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष -अंतरराष्ट्रीय राजनीति क़ानून और वैश्विक शांति पर प्रभाव- एक विस्तृत समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
January 5, 2026
in Hindi Editorials
0
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsappShare on TelegramShare on LineShare on Email

RelatedPosts

आज की दुनियाँ में पैसा अतिआवश्यक है। लेकीन मन का संतोष, प्रसन्नता उससे भी अधिक आवश्यक है,

सफ़लता का सिद्धांत-कम बोलिए सोच समझ कर बोलिए ऐसे शब्द बोलिए कि सामने वाला इंप्रेस हो जाए

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकट: -निर्धारित ड्रेसकोड पहचान पत्र नदारद- अनुशासन,जवाबदेही और प्रशासनिक संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य -एक समग्र विश्लेषण

यह संघर्ष सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व घटनाओं में से एक है,जिसके परिणाम दशकों तक वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और आर्थिक रणनीति पर प्रभाव डाल सकते हैं

यह घटना सिर्फ़ अमेरिका का विषय नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति समीकरण,अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता तथा वैश्विक सुरक्षा संरचनाओं की परीक्षा भी है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर सारी दुनियाँ हैरान रह गई जब 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने ऑपरेशन एबस्युलेट रेसोल्व के नाम से एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। इसके तहत अमेरिकी वायुसेना और विशेष बलों ने वेनेज़ुएला की राजधानी काराकस समेत कई इलाकों में हवाई हमले किए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलीया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया।जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में अमेरिका द्वारा एक तेजी से आगे बढ़ी सैन्य कार्रवाई की गई, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि अमेरिका ने वेनेजुएला में हवाई हमलों और विशेष ऑपरेशन के ज़रिए मादुरो को हिरासत में लिया और उन्हें विदेश ले लाया गया।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि मादुरो पर नार्को- आतंकवाद, कोकीन तस्करी, साजिश और अमेरिका के खिलाफ हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं,जिनके कारण वह अमेरिकी न्याय के सामने खड़ा होगा। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया कि इन्हीं अभियोगों के आधार पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में मुक़दमे की प्रक्रिया शुरू होगी।यह आरोप अमेरिका के अंतर्गत जारी अभियोगों पर आधारित हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि मादुरो की सरकार और सहयोगी अमेरिकी हितों और कानूनों के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध गतिविधियों में संलग्न थेहालांकि मादुरो और उनके समर्थक इन आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि वैश्विक स्तरपर वेनज़ुएला और अमेरिका के बीच तनाव कोई नया विषय नहीं है। दशकों से दोनों देशों के बीच राजनीतिक,आर्थिक और सामरिक तनाव रहा है जिसमें मुख्य रूप से तेल संसाधनों, असंतुलित द्विपक्षीय संबंधों और मतभेद शामिल हैं।1976 में वेनेज़ुएला ने अपने तेल उद्योग को राष्ट्रीयकृत किया था,जिससे अमेरिकीकंपनियों का नियंत्रण खत्म हो गया था जिस पर अमेरिका ने लंबे समय तक आपत्ति जताई। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कड़वी टक्कर और भी तीव्र होती गई।
साथियों बात अगर हम इस कार्रवाई को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सफल सैन्य ऑपरेशन बताया है इसको समझने की करें तो, उन्होंने वेनेज़ुएला में ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा किया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब अस्थायी रूप से वेनेज़ुएला के सरकारी कार्यों को संभालेगा और देश को सुरक्षित, व्यवस्थित और न्यायपूर्ण संक्रमण की ओर ले जाएगा।उनके खिलाफ नार्को- टेररिज़्म,कोकीन की तस्करी और साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं और उन्हें न्‍यूयॉर्क के संघीय न्यायालय में ट्रायल का सामना करने का इरादा बताया गया है।अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन अभियोगों के आधार पर है जो मादुरो पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद समर्थित गतिविधियों के लिए लगाए गए हैं। वहीं मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञों ने इस ऑपरेशन को अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया है क्योंकि यह बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति के एक संप्रभुत राष्ट्र के खिलाफ सशस्त्र हमला है।
साथियों बात अगर हम हमले के बाद विश्व के प्रमुख देशों की प्रतिक्रियाओं को समझने की करें तो, क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने वाला है?इस वैश्विक घटना पर रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों ने तेज़ प्रतिक्रिया व्यक्त की है।ये देश अमेरिकी कार्रवाई को वेनेज़ुएला की संप्रभुता का उल्लंघन, क्षेत्रीय अखंडता का भंग और एक शक्तिवादी आक्रमण बताते हुए निंदा कर रहे हैं। रूस ने अमेरिका की इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। ईरान और क्यूबा ने भी संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका की इस कार्रवाई की निंदा करने और शांति स्थापित करने की अपील की है।वहीं यूरोपीय संघ ने स्थितिसे कुछ अलग रुख अपनाया उन्होंने सीधे निंदा नहीं की, बल्कि तथ्यों की पुष्टि और तथ्यों के प्रकाश में निर्णय लेने की बात कही,यह कहते हुए कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करते हैं।जिसका व्यापक अर्थ यह है कि ईयू ने खुलकर अमेरिका का समर्थन नहीं किया, लेकिन स्पष्ट निंदा भी नहीं की। कुछ देशों ने इस संकट को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक का विषय बनाया है, तक़रीबन सभी प्रमुख वैश्विक शक्तियाँ इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून की बड़ी परीक्षा के रूप में देख रही हैं।साथियों बात अगर हम तेल और ड्रग्स विवाद कीपृष्ठभूमि को समझने की करें तो अमेरिका का क़हना यह है कि वेनेज़ुएला दुनियाँ के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक का घर है और यह देश नशीले पदार्थों और अपराध नेटवर्क के लिए एक मुख्य केंद्र बन गया है,इसलिए इस कार्रवाई को उसने नशीले पदार्थों का मुकाबला करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुरक्षित रखने की आवश्यक कार्रवाई बताया है।परन्तु आलोचक इसे तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाने की एक अर्थव्यवसायिक रणनीति के रूप में भी देखते हैं। वे तर्क देते हैं कि इस हमले के पीछे आर्थिक हितों की बड़ी भूमिका हो सकती है, क्योंकि वेनेज़ुएला के तेल भंडारों के कारण यह क्षेत्र आर्थिक और सामरिक रणनीति के केंद्र में पहुंच गया है।
साथियों बात अगर हम मानवाधिकार और वैधता के सवाल के दृष्टिकोण से समझने की करें तो, कई मानवाधिकार समूहों ने कहा है कि अमेरिका बिना सबूत और पारदर्शिता के निर्दोष नागरिकों और नेताओं को निशाना बना रहा है, और यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ हो सकती है, जो स्पष्ट रूप से कहता है कि एक देश दूसरे देश पर बिना सुरक्षा परिषद की अनुमति या प्रस्तुत खतरे के जवाब में बल का प्रयोग नहीं कर सकता है। यह विवाद अब अंतरराष्ट्रीय अदालतों, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शांति संरचनाओं के लिए एक बड़ा परीक्षण बन गया है।
साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय क़ानून और सार्वभौमिक संप्रभुता के दृष्टिकोण से इस मुद्दे को समझने की करें तो,किसी देश के सिटिंग राष्ट्रपति-समेत किसी राष्ट्राध्यक्ष को एक अन्य देश के सशस्त्र बलों द्वारा पकड़कर विदेश लाना,अंतरराष्ट्रीय क़ानून सहित संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों का जटिल उल्लंघन हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर की धारा 2(4) के अनुसार, किसी अन्य राज्य के खिलाफ बल प्रयोग केवल स्वयं रक्षा या यूएन सुरक्षा परिषद की अनुमति के तहत ही किया जा सकता है।अमेरिका ने अपने आपरेशन को न्यायिक कारणों, मादुरो पर अभियोग और सुरक्षा हितों के आधार पर समझाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय न्याय विशेषज्ञ यह कहते हैं कि किसी अन्य देश के उच्चतम नागरिक नेता के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और हिरासत लेना सीधे तौर पर संप्रभुता का उल्लंघन और बल प्रयोग का उदाहरण है, जब तक कि यह सीधे तौर पर खुद अमेरिका के विरुद्ध सीधा हथियारबंद हमला न रहा हो. कई विशेषज्ञों ने इसे अपराधी आक्रमण तक कहा है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ है।संप्रभुता का उल्लंघन तब अधिक गहरा हो जाता है जब उस देश की संसद या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी नहीं ली जाती,जैसा इस मामले में स्पष्ट नहीं दिख रहा है।अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों के अनुसार, वर्चस्ववादी शक्तियों के इस तरह के हस्तक्षेप से वैश्विक आदेश और मानक प्रभावित होते हैं, जिससे भविष्य में अन्य नियमित रूप से चुने गए नेताओं पर भी इसी तरह के दावों के आधार पर कार्रवाई का परिसेडेंट बन सकता है।
साथियों बात अगर हम, यह वैश्विक लोक लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लंघन है या नहीं? इसको समझने की करें तो, यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या अमेरिका के इस कदम से वैश्विक लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लंघन होता है? इस विवाद का उत्तर सरल नहीं है, क्योंकि इसमें राजनीतिक वैचारिकता, शक्ति- राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के सिद्धांतों का मिश्रण है।एक तरफ अमेरिका और उसके समर्थक देश यह तर्क देते हैं कि मादुरो जैसे नेता ने अपनी सरकार के भीतर तख्तापलट, भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन की नीतियों को लागू किया है। अमेरिकी प्रशासन इसे अपराध नियंत्रण और लोकतंत्र स्थापना के रूप में पेश कर रहा है। दूसरी ओर,ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक और कई देशों के सरकारी बयान बताते हैं कि ऐसा सैन्य हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है, क्योंकि इसने किसी देश की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, चुनावों और निरंकुश संप्रभुता को दरकिनार किया है।संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है, यह कहते हुए कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और संप्रभुता का आदर करना ही वैश्विक व्यवस्था का आधार है,इसलिए, यह कहना अधिक सटीक होगा कि अमेरिका का यह कदम वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौतीपूर्ण परिदृश्य बन गया है, भले ही इसे कुछ राजनीतिक तर्क दिए जाएं।
साथियों बात अगर हम क्या ‘तीसरा विश्व युद्ध’ शुरू होने वाला है? इस प्रश्न को समझने की करें तो, जहाँ एक ओर यह घटनाक्रम वैश्विक सत्ता संतुलन में एक बड़ा बदलाव दिखाता है, वहीं विश्लेषकों की राय में अभी तक तीसरे विश्व युद्ध जैसी कोई निश्चित शुरुआत नहीं हुई है।
एक तीसरा विश्व युद्ध की शुरुआत तभी मान्य होगी जब दो या दो से अधिक परमाणु-सक्षम रणनीतिक धड़े एक दूसरे के विरुद्ध व्यापक सैन्य गठबंधन, आर्थिक ब्लॉकों और वैश्विक स्तर पर जारी संघर्ष में डूबें,जो इस समय का वास्तविक परिदृश्य नहीं है।हालांकि रूस, ईरान, क्यूबा और चीन जैसे देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और यह कहा है कि यह वैश्विक शांति और स्थिरता को खतरे में डाल सकता है, वैश्विक युद्ध के जोखिमों पर बहस तेज़ हुई है। जिन देशों ने आलोचना की है, वे यह मानते हैं कि अगर दुनियाँ की प्रमुख शक्तियाँ एक दूसरे के खिलाफ सैन्य गठबन्धनों और प्रकार्यात्मक हिंसा की ओर बढ़ीं, तो एक बड़े पैमाने पर संघर्ष की संभावना बढ़ सकती है।फिर भी, वैश्विक नेताओं के लिए तीसरा विश्व युद्ध की घोषणा किसी भी तरह से आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है। इस विषय पर विशेषज्ञ अभी आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं और संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाइयों का इंतज़ार कर रहे हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि यह घटना न सिर्फ दक्षिण अमेरिका या अमेरिका का विषय है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति समीकरण, अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता तथा वैश्विक सुरक्षा संरचनाओं की परीक्षा भी है।अमेरिका का तर्क है कि यह कार्रवाई नार्को-टेररिज़्म और सुरक्षा कारणों से आवश्यक थी।कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन घोषित किया है।संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक शक्तियाँ, क्षेत्रीय समूह और न्यायविद इस पर गहरा विश्लेषण कर रहे हैं।यह संघर्ष समय की सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाओं में से एक है और इसके परिणाम दशकों तक वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और आर्थिक रणनीति पर प्रभाव डाल सकते हैं।

kishan2 2
संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

Get real time update about this post categories directly on your device, subscribe now.

Unsubscribe
Page 3 News International Desk

Page 3 News International Desk

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print. The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Related Posts

आज की दुनियाँ में पैसा अतिआवश्यक है। लेकीन मन का संतोष, प्रसन्नता उससे भी अधिक आवश्यक है,

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
0
0

आज की दुनियां मे वो सबसे अधिक खुश है जिसके पास प्रसन्नता, मन की शांती, संतोष भरा मन है दुनियां...

सफ़लता का सिद्धांत-कम बोलिए सोच समझ कर बोलिए ऐसे शब्द बोलिए कि सामने वाला इंप्रेस हो जाए

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
0
0

किसी भी विषय वस्तु पर अपनी राय बनाते, शब्दों का चयन करते समय विवेकपूर्ण हाजिर मंथन ज़रूरी जीवन में छोटी-छोटी...

विकसित भारत 2047 और सुशासन का संकट: -निर्धारित ड्रेसकोड पहचान पत्र नदारद- अनुशासन,जवाबदेही और प्रशासनिक संस्कृति का वैश्विक परिप्रेक्ष्य -एक समग्र विश्लेषण

by Page 3 News International Desk
February 10, 2026
0
0

देश क़ी राज्य सरकारों को पंजाब दिल्ली और क़ा सरकार तुहाडे द्वार व डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज यह मॉडल...

युवाओं को अपनीं सांस्कृतिक विरासत से संपर्क बनाए रखना ज़रूरी- अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव होना चाहिए

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

आओ अपनें समाज, घर, क्षेत्र में अपनी मातृभाषा में बात करें ताकि उसे हम विलुप्तता से बचा सके भारत ख़ूबसूरत...

बिगड़ते रिश्ते नातों की जड़ @ मिस अंडरस्टैंडिंग मिस कम्युनिकेशन व कम्युनिकेशन गैप

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

आओ खुशियों के ख़ूबसूरत रिश्तों नातों संबंधों की क़द्र करें ख़ुशहाल रिश्तों नातों को मज़बूत करने नजरअंदाजी झुकना व समर्पण...

डिजिटल युग में अफवाहें-पेड प्रमोशन और डर आधारित मार्केटिंग स्ट्रेटेजी? लोकतंत्र, जनस्वास्थ्य और वैश्विक स्थिरता के लिए बढ़ता खतरा-फेक न्यूज एक्ट 2026 बनाने की तात्कालिक आवश्यकता

by Page 3 News International Desk
February 9, 2026
0
1

डिजिटल युग में मिसिंग पर्सन्स की अफवाहें- भय,तथ्य, कानून और लोकतंत्र पर मंडराता संकट भारत सहित पूरे विश्व में अफवाहों...

Facebook Twitter Youtube Instagram Tumblr Pinterest

Page 3 News Multilingual Worldwide

The Page 3 News is a Multilingual Worldwide daily newspaper founded in 2021. It is published in Bangkok, Thailand by the Page 3 News Thai Limited Partnership. Page 3 News is available to the world in all the three formats i.e. e-Paper, digital and print.

The Page 3 News is having offices in many countries like Thailand, India, Canada, USA, etc. and is currently published in English, Thai, Hindi and Punjabi languages.

Category

Calanderwise News

February 2026
MTWTFSS
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728 
« Jan    

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

*By registering into our website, you agree to the Terms & Conditions and Privacy Policy.
All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • E-Magazine
  • Management Team
  • Subscriptions
  • E-Paper
  • World News
  • Balochistan
  • USA
  • India
  • Thailand
  • Canada
  • UK
  • Australia
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

© 2024 Page 3 News - First Multilingual Worldwide Newspaper based in Thailand.

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.