**तीसरी कार भी बरामद, आई 20 को उमर के चलाने की पुष्टि
**होस्टल से मिली डायरी से खुले राज, यूनिवर्सिटी को नोटिस
**हरियाणा के नूह से भी जुड़े तार, दुकानदार गिरफ्तार
आर पी तोमर
नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट में आई 20 कार को डॉ उमर के चलाने की पुष्टि डीएनए टेस्ट से हो गई है तो उमर व मुज़्ज़मिल की डायरी अल फलाह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से मिली है वही पूरी योजना बनी थी। उधर इसी यूनिवर्सिटी से पढ़े डॉ फारूक को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया गया है तो ब्लास्ट में संलिप्त तीसरी ब्रेजा कार भी बरामद कर ली गई है जो डॉ शाहीन के नाम दर्ज है। हरियाणा के नूह से जिस दुकानदार से 3 लाख का विस्फोटक सामान खरीदा था उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वही पूरे गैंग को तुर्की से आदेश दिए जाने और बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने का ख़ौफ़नाक प्लान भी इसके पीछे होने की जानकारी जांच कर्ताओं को पता चली है।
देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर की शाम सात बजे लाल किले के पास हुए बम धमाके के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है इस साजिश की नई-नई परतें खुल रही हैं। आतंकियों के दिल्ली को दहलाने का पूरा प्लान सामने आ रहा है। इस फिदायीन हमले को अंजाम देने के लिए एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन कारों का इस्तेमाल किया गया है जिसमें तीसरे कार यानी की अब ब्रेजा का भी पता चल गया है। दरअसल जिस आई20 कार का इस्तेमाल डॉक्टर उमर ने लाल किले के पास धमाके के लिए किया था उसे कई बार खरीदा-बेचा गया था और उसका आखिरी मालिक पुलवामा का रहने वाला आमिर राशिद था। इसके अलावा फरीदाबाद में भी सुरक्षा एजेंसियों ने खण्डवाली गांव से लावारिस हालत में एक लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद की है। इस कार को डॉक्टर उमर का रिश्तेदार फहीम वहां पार्क कर गायब हो गया था। अब पुलिस फहीम तक पहुंच चुकी है और उससे पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि फहीम का इस हमले के मुख्य आरोपी और फिदायीन हमलावर डॉक्टर उमर से पारिवारिक संबंध है अब एजेंसियों ने इस हमले में इस्तेमाल की गई उस ब्रेजा कार को भी तलाश लिया है जिससे इस साजिश के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकता है। ये ब्रेजा कार अल फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर किसी जगह पार्क थी। यह कार डॉ शाहीन के नाम पर है। धमाके को अंजाम देने वाला डॉक्टर उमर और डॉक्टर मुजम्मिल इसी ब्रेजा कार का भी इस्तेमाल किया करते थे। दिल्ली में बम धमाके को अंजाम देने वाले डॉक्टर उमर का डीएनए उसकी मां के डीएनए से पूरी तरह मैच कर गया है। इससे पुष्टि हो गयी है कि आई 20 को डॉ उमर ही चला रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है कि डॉक्टर उमर ने आई20 कार के साथ ही खुद को भी उड़ा लिया था। इस हमले में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच में ये भी सामने आया है कि उमर का तुर्की के अंकारा में बैठे अपने हैंडलर ‘उकासा’ (संभावित कोडनेम) के साथ संपर्क होता था, जिसके लिए वह सेशन ऐप का यूज करता था। सूत्रों के मुताबिक मार्च 2022 में कुछ लोग भारत से अंकारा गए थे।
दिल्ली ब्लास्ट में मेवात कनेक्शन के सामने आने के बाद। अब एक नोटबुक से बड़े राज का पर्दा उठा है। एजेंसियों को डॉक्टर उमर और मुजम्मिल की डायरियां मिलीं हैं। डायरी और नोटबुक में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं तीन लाख का 20 क्विंटल से ज्यादा उर्वरक खरीदा गया था। स्पेशल सेल की टीम ने नूंह में छापा मारा और फर्टिलाइजर बेचने वाले को गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा एजेंसी के हाथ जो डायरी लगी हैं। कयास लगाए जा रहें है कि अब दिल्ली धमाका के कई सवालों के जवाब मिलने की संभावना है। यह डायरी मंगलवार और बुधवार को अलफलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर डॉक्टर उमर के रूम नंबर चार और मुजम्मिल के रूम नंबर 13 से मिली हैं। होस्टल संख्या 17 से मिली है। इसके अलावा पुलिस को एक डायरी मुजम्मिल के उस कमरे से भी मिली है जहां से पुलिस ने धौज में 360 किलो विस्फोटक बरामद किया था और यह अलफलाह यूनिवर्सिटी से महज 300 मीटर की दूरी पर है। डायरी व नोटबुक में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया गया है, जिनका रेफरेंस आठ से 12 नवंबर के तौर पर भी आ रहा है। यही पर विस्फोट की पूरी प्लान बनी थी। अल फलाह यूनिवर्सिटी में ही ये सब गुप्त मीटिंग किया करते थे। डायरी के अंदर ऑपरेशन शब्द का कई बार इस्तेमाल किया गया है। दिल्ली बम धमाके और फरीदाबाद में मिले 2921 किलो विस्फोटक समेत आतंक की पूरी कहानी अल फलाह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग नंबर 17 के कमरा नंबर 13 में रची जा रही थी। तीसरी मंजिल पर स्थित ये कमरा यहां कार्यरत डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब को अलॉट था। इसके बगल वाला कमरा दिल्ली धमाके में शामिल डॉ. उमर को अलॉट था, लेकिन उमर अपना कमरा छोड़कर मुज्जमिल के साथ ही रहता था। दोनों बीते कई माह से काफी अच्छे दोस्त थे। वे यूनिवर्सिटी परिसर में अधिकतर समय एक साथ बिताते थे और एक-दूसरे से ही चर्चाओं का दौर रखते थे। इनके कई अन्य दोस्त भी थे जो अक्सर इनके साथ देखे जाते रहे हैं। दिल्ली ब्लास्ट केस में नाम आने के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ने यूनिवर्सिटी को एक शो-कॉज नोटिस भेजा है, जिसमें उस पर गलत जानकारी देने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। यह यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त नही है।
उधर जांच एजेंसी ने इसी यूनिवर्सिटी के डॉ फारूक को हापुड़ से गिरफ्तार किया है। तो जैश मॉड्यूल ने दिल्ली को सीरियल ब्लास्ट से निशाना बनाने की मल्टी फेज साजिश का खुलासा किया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि मूल योजना अगस्त 2025 में हमले करने की थी। अभियान में देरी के कारण साज़िश को एक नई तारीख़ 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के साथ चुना गया। यह तारीख महत्वपूर्ण है: यह वह दिन था जब 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था। विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकवादियों ने कहा है कि यह तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि वे “बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेना” चाहते थे। साथ ही जैश मॉड्यूल ने दिल्ली को सीरियल ब्लास्ट से निशाना बनाने की मल्टी फेज साजिश का भी खुलासा किया है। पूछताछ के दौरान, जैश डॉक्टर मॉड्यूल के सदस्यों ने भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सीरियल ब्लास्ट करने के उद्देश्य से एक आतंकी साजिश को अंजाम देने की एक सुनियोजित, चरणबद्ध योजना का खुलासा किया है। चरणवद्ध तरीके से उस पर काम किया जा रहा था। पहले चरण में जैश-अंसार आतंकी मॉड्यूल का गठन किया गया दूसरे चरण में हरियाणा के नूह और गुरुग्राम से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस और गोला-बारूद के लिए कच्चे माल की खरीद की गई। तीसरे चरण में घातक रासायनिक एलईडी का निर्माण और संभावित लक्षित स्थानों की टोह लेनी थी। चौथे चरण में टोह लेने के बाद मॉड्यूल के सदस्यों के बीच इकट्ठे बमों का वितरण होना था। पांचवे और अंतिम चरण में दिसंबर में दिल्ली में छह से सात स्थानों पर समन्वित बम विस्फोटों को अंजाम देना था। जांचकर्ताओं का कहना है कि मूल योजना अगस्त 2025 में हमले करने की थी, लेकिन अभियान में देरी के कारण नई तारीख तय की गई। अधिकारियों ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद वर्षों से अयोध्या का हवाला देते हुए धमकियां देता रहा है और बाबरी विध्वंस का बदला लेने का आह्वान करता रहा है। मसूद अज़हर वर्षों से अपने आतंकी उपदेशों और साप्ताहिक स्तंभों में अयोध्या को निशाना बनाने की कसम खाता रहा है।
दिल्ली- एनसीआर में 200 बम फटने वाले थे
दिल्ली ब्लास्ट पाकिस्तान की साजिश का हिस्सा था। जिन डॉक्टरों के दिमाग में जिहादी सोच को कूट कूट कर भरा गया, उनके मंसूबे और खतरनाक थे। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि दिल्ली एनसीआर में 200 बम फटने वाले थे। 26/11 हमले की तरह साजिश अंजाम तक पहुंचने वाली थी। दिल्ली एनसीआर के कई हाई प्रोफाइल ठिकानों की रेकी तक हो चुकी थी।
भारत की प्रतिक्रिया, आतंकी घटना
भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपनी दृढ़ संकल्प का परिचय एक त्वरित और निर्णायक जवाबी कार्रवाई के माध्यम से दिया है। लाल किले के पास हुए विस्फोट में शामिल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल को सफलतापूर्वक ध्वस्त करके, अधिकारियों ने देश को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध एक स्पष्ट और अटल संदेश दिया है। यह उपलब्धि भारत की ख़ुफ़िया एजेंसियों, सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन कर्मियों के अथक समर्पण को दर्शाती है, जो नागरिकों के जीवन की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम करते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली बम ब्लास्ट को आतंकी घटना करार देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस जघन्य आतंकी घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा की गई एक कायराना हरकत करार दिया गया। कैबिनेट ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता दोहराई और इसके दोषियों पर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अमेरिका ने भी इसे आतंकी घटना बताया है।
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड की पत्नी के संपर्क में थी शाहीन
दिल्ली लाल किला कार बम ब्लास्ट की घटना में संदिग्ध आतंकी के तौर पर सामने आई लखनऊ की रहने वाली डॉ शाहीन सईद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वह पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड की पत्नी के संपर्क में थी। डॉ. शाहीन सईद का उमर फारूक की पत्नी अफिरा बीबी से संपर्क सामने आया है। जैश प्रमुख मसूद अजहर का भतीजा उमर फारूक 2019 के पुलवामा हमले के बाद एक मुठभेड़ में मारा गया था। जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। डॉ. शाहीन सईद अफिरा बीबी के संपर्क में थी। डॉ शाहीन सईद ने अपने पति जफर हयात से तालाक ले लिया था। इसके बाद से अकेले रह रही थी। सईद अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ा रही थी। वह डॉ. मुजम्मिल शकील के संपर्क में थी। अब जांचकर्ताओं को शाहीद सईद का लिंक उमर की पत्नी अफिरा बीबी से मिला है। बीवी जैश की नई गठित महिला ब्रिगेड, जमात-उल-मोमिनात का एक प्रमुख चेहरा है। दिल्ली विस्फोट से कुछ हफ़्ते पहले अफिरा ब्रिगेड की सलाहकार परिषद, शूरा में शामिल हुई थी। वह मसूद अजहर की छोटी बहन सादिया अजहर के साथ काम करती है। जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों शाहीन सईद के संपर्क में थीं। यह भी जानकारी सामने आई है कि शाहीन सईद को जमात-उल-मोमिनात की भारत शाखा स्थापित करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए महिलाओं की भर्ती करने का काम मिला था।
