बुजुर्गों की दुआओं में अद्भुत असर होता है,
उनके आशीष से जीवन का सफ़र बेहतर होता है।
काँटों भरी राह भी फूलों-सी लगने लगती है,
जब सिर पर उनके हाथ का साया होता है।
उनकी सीख़ अँधेरे में दीपक बन जाती है,
भटकी हुई राह को मंज़िल तक ले जाती है।
मुश्किलें चाहे जितनी सामने क्यों न आएँ,
उनकी दुआ हर ठोकर को शिक्षा बना जाती है।
जिस माथे पर बुजुर्गों का आशीष रहता है,
उसके हौसले में हमेशा विश्वास रहता है।
तूफानों से टकराने का साहस मिलता है,
क्योंकि पीछे अनुभवों का आकाश रहता है।
उनकी झुर्रियों में जीवन का ज्ञान छिपा होता है,
उनके शब्दों में अनुभवों का मान छिपा होता है।
जो झुककर सुनता है बुजुर्गों की हर सीख,
उसकी सफ़लता में संस्कारों का सम्मान छिपा होता है।
इसलिए बुजुर्गों को बोझ नहीं,बरकत समझिए,
उनकी हर दुआ को जीवन की दौलत समझिए।
किशन जब तक सिर पर उनका स्नेहिल हाथ रहे,
हर चुनौती को सीख और हर पल को नेमत समझिए।

