ज़िंदगी में कुछ भी हमेशा ठहरता नहीं,
वक्त की तरह कोई पल भी ठहरता नहीं,
लोग,रिश्ते,हालात बदलते रहते हैं,
जो आज़ अपना है,कल वही रहता नहीं।
हर बदलाव को मुस्कुराकर अपनाते चलो,
टूटे हुए पलों को भी दिल से सजाते चलो,
जो छूट गया,उसे किस्मत का फैसला मानो,
नए रास्तों पर उम्मीद के दीप जलाते चलो।
आज खुशियाँ हैं तो कल ग़म भी आएँगे,
आज जो दूर हैं,शायद कल पास आएँगे,
ज़िंदगी का यही तो दस्तूर पुराना है,
मौसम बदलेंगे,चेहरे भी बदल जाएँगे।
न वक्त अपना है,न हालात हमेशा रहेंगे,
न हर एहसास के रंग एक जैसे रहेंगे,
इसलिए हर पल को जी लो खुले दिल से,
क्योंकि गुज़रे हुए पल फिर लौटकर न मिलेंगे।
जो बदल रहा है,उसे बदलने दो यार,
हर बदलाव में छिपा है नया संसार,
किशन कल क्या होगा,इसकी चिंता छोड़ दो,
आज़ को जी लो,यही ज़िंदगी का सार।
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318



