चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली, 14 सितंबर। दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के सभापति एवं घोंडा से विधायक अजय महावर ने पीएसी की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक करने, सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और उसे राजनीतिक रंग देने वालों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए और यदि विशेषाधिकार का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अजय महावर ने कहा कि लोक लेखा समिति विधानसभा की एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है, जो संवैधानिक और संसदीय दायरे में रहकर कार्य करती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008-09 के बाद लगभग 17 वर्षों के अंतराल के पश्चात 2025 में पीएसी की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी गई और 40 से अधिक लंबित मामलों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
महावर ने कहा कि लगभग 60 करोड़ रुपये से जुड़े स्टाफ क्वार्टर निर्माण मामले की जांच भी पीएसी के समक्ष है। समिति नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर तथ्य जुटा रही है और किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि विधानसभा और संसदीय नियमों के प्रति जवाबदेह है।
उन्होंने कहा कि पीएसी की कार्यवाही गोपनीय होती है और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक उसे सार्वजनिक नहीं किया जाता। स्टाफ क्वार्टर मामले में लगभग 18 दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच के दौरान कुछ तथ्यों के सत्यापन हेतु सदस्यों को गोपनीय जानकारी दी गई थी, लेकिन उसे सार्वजनिक कर राजनीतिक विवाद का विषय बनाया गया, जो संसदीय परंपराओं के विपरीत है।
अजय महावर ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट के अनुसार निर्माण क्षेत्र लगभग 1,397 वर्गमीटर से बढ़ाकर 1,905 वर्गमीटर किया गया, जिससे करीब 18.88 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव पड़ा। सिविल कार्यों, विद्युत कार्यों, मॉड्यूलर किचन तथा लगभग 45.90 लाख रुपये के पर्दों पर हुए व्यय को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति यह जांच कर रही है कि अतिरिक्त खर्च की अनुमति किसने दी और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति किस आधार पर प्राप्त हुई।
उन्होंने स्टाफ ब्लॉक निर्माण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। महावर ने कहा कि यदि स्वीकृत धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में किया गया है, तो यह जांच का विषय है कि इसकी अनुमति किसने दी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। समिति यह भी जांच करेगी कि एक मद की राशि दूसरी मद में किस आधार पर स्थानांतरित की गई।
पीएसी अध्यक्ष ने कहा कि पुराने क्वार्टरों को ध्वस्त करने, नए निर्माण, ठेकेदारों की पात्रता, कार्य आवंटन और भुगतान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्थल निरीक्षण को फिलहाल स्थगित किया गया है क्योंकि समिति की स्वतंत्र जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और उसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया।
अजय महावर ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अलग विषय हो सकते हैं, लेकिन लोक लेखा समिति को राजनीतिक विवाद का माध्यम बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि समिति की गोपनीय कार्यवाही को सार्वजनिक करना, उसके आधार पर राजनीतिक बयानबाजी करना और जांच प्रक्रिया पर दबाव बनाने का प्रयास गंभीर विषय है तथा ऐसे प्रयासों की वह कड़ी निंदा करते हैं।

