रिश्ता वो है जो दर्द में भी मुस्कान दे जाए,
गिरते हुए इंसान को फ़िर से उठना सिखाए।
मगर जब अपना ही हर पल आँसू दे जाए,
तो समझो रिश्ते की गर्माहट कहीं खो जाए।
जहाँ अपनापन हो,वहाँ दिल को सुकून मिलता है,
टूटे हुए मन को जीने का जुनून मिलता है।
पर जब वही रिश्ता दर्द का कारण बन जाए,
तो हर खुशी का रास्ता भी वीरान हो जाए।
रिश्ते विश्वास से बनते हैं,दिखावे से नहीं,
दिल जुड़ते हैं प्रेम से,किसी बहाने से नहीं।
जब भरोसा ही बार-बार घायल होने लगे,
तो रिश्ता धीरे-धीरे खुद से ही दूर होने लगे।
हर रिश्ता उम्रभर चले,यह जरूरी तो नहीं,
हर अपना जिंदगीभर अपना रहे,जरूरी तो नहीं।
कुछ रिश्ते सबक देकर राह बदल जाते हैं,
और कुछ यादों में रहकर दिल को समझाते हैं।
जब आँसू पोंछने वाला ही आँसू देने लगे,
जब अपना ही दिल को हर रोज़ छलने लगे।
किशन तब छोड़ देना भी कभी-कभी सही फैसला है,
क्योंकि खत्म हुआ रिश्ता नहीं,एक दर्द का सिलसिला है।

