राह कठिन हो फिर भी सच का दामन थामे रखना,
लाभ मिले या हानि मिले,नेक कदम बढ़ाए रखना,
भलाई की हर छोटी कोशिश दिल में सजाए रखना,
क्योंकि कर्मों की ख़ुशबू को सदा महकाए रखना।
झूठ भले कुछ पल दुनियाँ की आँखों में जीत जाए,
सच्चाई का दीपक देर से सही,मगर जगमगाए,
नेकी का बीज समय की मिट्टी में जब फ़ल पाए,
तो सूना जीवन भी ख़ुशियों की फ़सल लहराए।
किसी गिरे को उठाना,किसी रोते को हँसाना,
बिना स्वार्थ किसी ज़रूरतमंद के काम आना,
दुख की घड़ी में किसी का बनकर हाथ बढ़ाना,
यही इंसानियत है,यही जीवन का ख़जाना।
दौलत,शोहरत,पद-सम्मान सभी यहीं रह जाते हैं,
सच्चे कर्म ही इंसान के साथ आगे जाते हैं,
जो प्रेम और भलाई के दीप दिलों में जलाते हैं,
वे दुनियाँ से जाकर भी दिलों में बस जाते हैं।
इसलिए हर दिन ईमानदारी को अपना गहना बनाना,
नेकी की राह पर चलते हुए मानवता निभाना,
किशन फल की चिंता छोड़ कर्मों का दीप जलाते जाना, सच्ची भलाई कभी व्यर्थ नहीं जाती,विश्वास बनाए रखना

