चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
नई दिल्ली, 31 अगस्त। दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की पहल पर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को भाजपा ने खारिज किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्राओं के हित में शुरू की गई इस योजना को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली सरकार के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक अभय वर्मा, विधायक एवं प्रवक्ता अनिल कुमार शर्मा तथा हरिश खुराना ने मीडिया से बातचीत में योजना से जुड़ी खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया।
अभय वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराकर स्कूल तक उनकी पहुंच आसान बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखने में सहयोग देना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन उसने दिल्ली की बेटियों के लिए ऐसी पहल करने की जरूरत महसूस नहीं की।
उन्होंने बताया कि साइकिलों की खरीद भारत सरकार के GeM पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई। उनके अनुसार यह एक ओपन टेंडर था, जिसमें पात्र प्रतिभागियों को हिस्सा लेने का अवसर दिया गया था। टेंडर प्रक्रिया के दौरान किसी भी इच्छुक प्रतिभागी को आपत्ति या शिकायत दर्ज कराने का अधिकार था।
अभय वर्मा के मुताबिक, टेंडर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फ्लोट किया गया, समय पर खोला गया और इसके बाद एल-1 बोलीदाता को साइकिलों की आपूर्ति का वर्क ऑर्डर जारी किया गया। उन्होंने दावा किया कि टेंडर में भाग लेने वाले किसी भी प्रतिभागी की ओर से प्रक्रिया के दौरान कोई आपत्ति सामने नहीं आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि साइकिलों का वितरण शुरू होने के बाद इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने और भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कथित शिकायत का हवाला दिया जा रहा है, उसका शिकायतकर्ता स्वयं टेंडर प्रक्रिया में सहभागी नहीं था और न ही उसने इसमें भाग लेने का प्रयास किया था।
अभय वर्मा ने आम आदमी पार्टी से कहा कि यदि उसके पास खरीद प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस तथ्य या प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाकर दिल्ली की बेटियों को मिलने वाले लाभ को बाधित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
हरिश खुराना ने भी साइकिल खरीद प्रक्रिया को GeM पोर्टल पर पारदर्शी तरीके से पूरा किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को खरीद प्रक्रिया पर कोई आपत्ति थी तो उसे टेंडर प्रक्रिया के दौरान उचित माध्यम से उठाया जाना चाहिए था। उनके अनुसार वितरण शुरू होने के बाद लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं।
खुराना ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी आवाजाही को सुगम बनाना है। साइकिल वितरण इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है और इसे राजनीतिक विवाद के बजाय छात्राओं के हित से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
वहीं, विधायक अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना और विद्या वाहिनी योजना जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं के हित में उठाए जा रहे कदमों पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जब बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही हैं, तब विपक्ष को इन जनकल्याणकारी पहलों का स्वागत करना चाहिए, न कि भ्रम पैदा करना चाहिए।

