चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली
हर्ष मल्होत्रा बोले— “केंद्र में इस्तीफा, पंजाब में संरक्षण; यही है ‘आप’ की दोहरी राजनीति”, पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग
नई दिल्ली | दिल्ली भाजपा ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में कैनिंग लेन स्थित आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के बाहर विशाल प्रदर्शन कर पंजाब में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी भी दी। बाद में पुलिस उन्हें मंदिर मार्ग थाने ले गई, जहां करीब एक घंटे बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी पर “दोहरी राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के समय पेपर लीक के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग करने वाली पार्टी पंजाब में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि “केंद्र में इस्तीफा, पंजाब में संरक्षण—यही ‘आप’ का दोहरा चरित्र है।”

मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा, 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा, फार्मेसी ऑफिसर तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आईं, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा की मांग है कि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को तत्काल पद से हटाया जाए, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पंजाब के छात्रों से माफी मांगी जाए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने जिस “शिक्षा क्रांति” का दावा किया था, वह अब “पेपर लीक क्रांति” में बदल गई है। भाजपा ने चेतावनी दी कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में सांसद योगेंद्र चाँदोलिया, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह, मोहनलाल गिहारा सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल ने कहा कि देश के युवा पंजाब में पेपर लीक मामलों पर आम आदमी पार्टी की कथित चुप्पी और इनकार से निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नैतिकता की बात केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार करती है।
सांसद योगेंद्र चाँदोलिया ने कहा कि संसद में पेपर लीक पर चर्चा के दौरान विपक्ष का रवैया अलग था, जबकि पंजाब में सामने आए मामलों पर आम आदमी पार्टी मौन है। सांसद कमलजीत सहरावत ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें स्वीकार करने से बच रही है।
सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि फार्मेसी परीक्षा का प्रश्नपत्र भी प्रभावित हुआ और कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए कानून का विपक्ष ने विरोध किया, जबकि पंजाब के मामलों पर आम आदमी पार्टी चुप्पी साधे हुए है।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर पार्टी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।


