
महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या
यश म्यूजिकल ट्रस्ट ग्रुप द्वारा भरतकुंड भदरसा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ स्कूल के उपप्रधानाचार्य श्री रामस्वरूप तिवारी जी , अध्यापकगण एवं संस्था की अध्यक्षा संगीता आहूजा जी एवं सुमिष्ठा मित्रा जी द्वारा किया गया। उसके पश्चात संस्था द्वारा उपप्रधानाचार्य जी को प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। संगीत एवं नृत्य कार्यशाला में इंटर तक के सभी बच्चों ने प्रतिभाग किया और पारंपरिक संगीत और नृत्य की प्रशिक्षण लिया। प्रधानाचार्य द्वारा उद्बोधन में कहा गया कि संस्था के अथक प्रयासों से बच्चों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया आपकी आपकी संस्था द्वारा यहां कार्यक्रम करने से हमारे बच्चे कुछ अच्छे संस्कृति संस्कारों को सीख पाए उसके लिए संस्था को हार्दिक आभार बधाई और शुभकामनाएं ज्ञापित की। कार्यशाला में अवध के लोक संगीत और लोक नृत्य के बारे में बताते हुए राम जी पर आधारित जन्म संस्कार और विवाह संस्कार को किस तरह से और किन गीतों और नृत्य में बांध के गया जाता है वह बच्चों को बताया गया।सोहर कजरी झूला बन्ना बन्नी विवाह सुहाग किसानी गीत श्रम गीत गारी इत्यादि अनेक गीतो की प्रस्तुति हुई। नृत्य में बधावा लोकनृत्य फरवाही लोकनृत्य कहरूवा लोकनृत्य जोगनी लोकनृत्य धोबिया लोकनृत्य इसके अलावा जातिगत जितने भी गीत होते हैं किन-किन जातियों द्वारा किए जाते हैं यह भी प्रशिक्षण दिया गया। कई नृत्यों के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई लोक नृत्य की कुछ प्रस्तुतियां भी की गई और बच्चों द्वारा करवाई गई। कार्यशाला में संगीता आहूजा द्वारा संगीत एवं नृत्य की बारीकियां के विषय में समझाया गया बच्चों ने नृत्य और संगीत की बहुत सारी कलाओं को आत्मसात किया और सीख कर प्रस्तुत भी किया। कार्यक्रम के प्रस्तुतीकरण करने वाले सभी बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सभी कलाकार संगीता आहूजा, सुमिष्ठा मित्रा ,तोषी तिवारी, देव मित्रा, यश कुमार, लक्ष्मी विश्वकर्मा, बिंदु निषाद, दिलीप, उन्नति मित्रा , संतोष कुमार उपस्थित रहे। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के उपप्रधानाचार्य श्री रामस्वरूप तिवारी के साथ-साथ प्राध्यापक अशोक त्यागी देवेंद्र विजय बहादुर मौर्य किरण आदि लोग मौजूद रहे।