महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या
सोशल मीडिया और तथाकथित पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बिना किसी ठोस साक्ष्य के भ्रामक और एकतरफा खबरें चलाने वाले करीब 10 युट्यूबरों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल परिवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 2026 को इस मामले में पीड़िता नीलम सिंह का बयान न्यायालय में दर्ज कर लिया गया, जिसके बाद आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
इस मामले में पैरवी कर रहे लखनऊ हाईकोर्ट के बहुचर्चित वरिष्ठ अधिवक्ता मार्तंड प्रताप सिंह ने बताया कि अदालत ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अगली सुनवाई 12 मई 2026 को तय की है।
कविता – अनुभव समय से नहीं, परिस्थितियों से मिलता है
अनुभव समय से नहीं,परिस्थितियों की आग में ढलता हैहर संघर्ष जीवन को भीतर से नया आकार देता है।सुख तो बस...