
विजय वर्मा
नई दिल्ली:-पश्चिम प्रदेश संयोजक मंडल की एक अहम बैठक में निम्न बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए सरकार से आग्रह किया गया है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश में से छोटे प्रदेश, पश्चिम प्रदेश के रूप में स्थापित कर दिया जाए। पूरे प्रदेश की आम जनमानस की ढेर सारी समस्याओं को आसानी से हल किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर बड़े प्रदेशों से छोटे प्रदेश बनाकर तेज गति विकास करने की प्रक्रिया तेजी से देखने में आई है, उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा आदि जैसे प्रदेश विकास प्रक्रिया इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है अतः उत्तर प्रदेश को कई हिस्सों में बांटकर हम देश के इस बड़े प्रदेश को और भी तेजी से विकास की तरफ एवं रोजगार की तरफ ले जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा जमुना के 27 जनपदों को मिलाकर नया प्रदेश बनाने का आग्रह से पश्चिम प्रदेश की संयोजक मंडल कमेटी चौधरी वीरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री (संरक्षक), डी.पी. यादव पूर्व मंत्री व सांसद (राष्ट्रीय संयोजक) तथा संजीव बालियान पूर्व केद्रीय मंत्री सदस्य संयोजक मंडल तथा हरिश्चंद्र भाटी पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री, जनरल अहलावत, करनल सुधीर तथा सतपाल सिंह, डीके त्यागी अजय कुमार जैसे प्रखर नेताओं की समिति सदस्य हैं। इन पश्चिम प्रदेश समस्त साथियों का मत है कि पश्चिम प्रदेश उत्तर प्रदेश को एक नई सोच रोजगार शक्ति औद्योगिकरण उच्च शिक्षा तथा शिक्षण संस्थाओं के रूप में और तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर किया जा सकता है जो प्रत्येक दृष्टिकोण से सफल प्रयास कहलाएगा। जन जागरण द्वारा प्राप्त पश्चिम प्रदेश के लाखों लोगों से संपर्क तथा अभी विचार विमर्श करने के बाद यह अवधारणा पश्चिम प्रदेश के लोगों के मन में है क्योंकि उपरोक्त 27 जनपद प्रदेश के किसी भी बड़े हिस्से से ज्यादा राजस्व देने का कार्य करते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में न्यायिक सुविधा उच्च शिक्षा संस्थान ठोस औद्योगिकरण और नौजवानों को रोजगार देने का आभाव है लाखों युवक एवं युवतियां इस कुंठा से ग्रस्त है एक आक्रोश की स्थिति वर्तमान समाज में मौजूद है किसान मजदूर तथा महिलाएं अपनी जीवन पद्धति से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है अतः पत्रकार बंधुओ (इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया)के समक्ष हम अपने सभी पश्चिम क्षेत्र के साथियों के विचारों को बताने के लिए आए हैं और आशा करते हैं आप हमारी समस्याएं एवं विचारों को लेकर जनता एवं भारत सरकार को अपनी ओजस्वी लेख कलम के द्वारा अवगत कराने का एवं दिखाने का कष्ट करेंगे ताकि नए प्रदेश का निर्माण जल्द से जल्द हो सके।