
महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुप्तारघाट का वैभव एक बार फिर लौटता नजर आ रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल इस प्रमुख पर्यटन स्थल पर विकास कार्य तेज़ी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप गुप्तारघाट को त्रेता युग की स्मृतियों से जोड़ते हुए विकसित किया जा रहा है। तीसरे चरण के अंतर्गत बन रहा भव्य ओपन एयर थियेटर सूत्रों के अनुसार होली तक आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही रावण वध दृश्य, हनुमान जी और जटायु की विशाल मूर्तियां भी तैयार हो चुकी हैं, जो रामायण की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगी।
गुप्तारघाट धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने इसी घाट से जल समाधि ली थी और यहीं से सरयू नदी में अंतिम बार प्रवेश किया था। यही कारण है कि यह स्थान राम भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। योगी सरकार द्वारा इसे विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। पहले और दूसरे चरण में घाट का सौंदर्यीकरण, आधुनिक पार्क, योग-ध्यान केंद्र और वॉटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।
तीसरे चरण में लगभग 18.34 करोड़ रुपये (1833.63 लाख) की लागत से गुप्तारघाट के अंतिम छोर का विकास किया जा रहा है। इस चरण में पार्किंग एरिया, पाथवे, टिकट घर, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, किचन की फिनिशिंग, इंटरप्रिटेशन सेंटर, भित्ति चित्र (म्यूरल्स) और बाउंड्री वॉल का निर्माण शामिल है। सबसे आकर्षक परियोजना ओपन एयर थियेटर है, जहां फिनिशिंग, विद्युतीकरण और हरियाली का कार्य तेजी से चल रहा है।
ओपन एयर थियेटर में रामायण आधारित नाटक, रामलीला, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाएगा। यहां स्थापित की जा रही रावण वध की आकृति, हनुमान जी और जटायु की भव्य मूर्तियां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राम कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ेंगी।
आने वाले समय में गुप्तारघाट केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। सरयू तट पर आध्यात्मिक शांति के साथ आधुनिक सुविधाओं का संगम पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होगा। शाम के समय ओपन एयर थियेटर में होने वाले कार्यक्रम गुप्तारघाट को एक नई पहचान देंगे।
परियोजना को पर्यटन विभाग की ओर से यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।
अयोध्या के कमिश्नर राजेश ने बताया कि अब तक लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कार्यों में बढ़ोतरी के कारण परियोजना अपने मूल लक्ष्य से कुछ पीछे चली गई थी, लेकिन अब इसे फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। संभावना है कि होली के आसपास या होली तक पूरा परिसर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।