महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या।बीकापुर फिल्मों और डिजिटल कंटेंट के नाम पर सनातन संस्कृति और विशिष्ट समुदायों को निशाना बनाने के खिलाफ अब अयोध्या जनपद में भी स्वर मुखर होने लगे हैं। हाल ही में चर्चा में आई फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के शीर्षक और उसमें दिखाए गए चित्रण को लेकर ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मावलंबियों में भारी रोष व्याप्त है। शनिवार को इस फिल्म के विरोध में प्रबुद्ध नागरिकों ने बीकापुर तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी श्रेया को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
सनातन संस्कृति के अपमान का आरोप
अयोध्या जी फाउंडेशन के उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान संदीप तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह जानबूझकर ब्राह्मण समाज की छवि को धूमिल करने के लिए गढ़ा गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर एक विशिष्ट वर्ग को ‘भ्रष्ट’ दिखाकर समाज में जातिगत विद्वेष फैलाने की साजिश रची जा रही है।
फिल्म के निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर विधिक कार्यवाही की जाए।
सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए फिल्म के प्रसारण पर तत्काल प्रतिबंध (Ban) लगाया जाए।
धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कंटेंट पर भविष्य में रोक हेतु कड़े निर्देश जारी हों।
मौके पर उपस्थित रहे वरिष्ठ भाजपा नेता हैदरगंज के पूर्व मंडल अध्यक्ष महेन्द्र मिश्रा ने कहा कि समाज के शांतिपूर्ण ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाले ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से हरिओम दुबे बीकापुर शैलेंद्र पांडे मोनू डा श्याम तिवारी शैलेंद्र शुक्ला, सुरेश मिश्रा दीपू मिश्रा, एडवोकेट श्रीकांत तिवारी अधिवक्ता पुष्पेंद्र मिश्रा अधिवक्ता हरिओम पांडे अविनाश मिश्रा, शिवम पांडेय, अथर्व तिवारी उत्सव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे सभी ने एक स्वर से सरकार से कड़ी कार्यवाही की मांग की।
वक्त कभी किसी का सगा नहीं
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है - हम खुद अपने ही पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण...