चंदन सिंह | पेज 3 न्यूज़ वर्ल्डवाइड | नई दिल्ली

नई दिल्ली: रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान ने भारत के राष्ट्रभक्त नागरिकों, मुख्यधारा मीडिया, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक विशेष प्रेस नोट जारी किया है। संदेश में कहा गया है कि बलोचिस्तान की जनता की पीड़ा, माताओं के आँसू और बेटियों की व्यथा को भारतीय मंचों पर जिस संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ उठाया गया, वह उनके लिए अत्यंत पवित्र और अविस्मरणीय है।
प्रेस नोट में उल्लेख किया गया है कि मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, दरगाहों, शैक्षणिक संस्थानों और घर-घर तक बलोचिस्तान का संदेश पहुँचाकर भारतीय समाज ने मानवीय संवेदना का परिचय दिया। रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान ने भारत को अपना प्रिय मित्र राष्ट्र बताते हुए कहा कि वे भारत के 140 करोड़ नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और क्षेत्र में शांति व प्रेम की स्थापना के लिए साझा संकल्प रखते हैं।
संदेश में मीडिया संस्थानों और पत्रकारों से यह अनुरोध भी किया गया है कि भविष्य में बलोचिस्तान का उल्लेख करते समय “पाकिस्तान के अपने लोग” जैसे शब्दों का प्रयोग न किया जाए, क्योंकि यह उनकी पहचान और अस्तित्व पर आघात करता है। प्रेस नोट के अनुसार, बलोच स्वयं को एक स्वतंत्र राष्ट्र मानते हैं, जिनका हजारों वर्षों का इतिहास है। उन्होंने स्वयं को पहचान से बलोच, आत्मा से इंसान और धर्म से मुसलमान बताते हुए कहा कि उनका विश्वास अन्य धर्मों के सम्मान में बाधक नहीं है।
प्रेस नोट का समापन “जय हिंद” और “जय बलोचिस्तान” के उद्घोष के साथ किया गया है।





