
सिलचर, 17 जनवरी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की ड्रग्स के खिलाफ सख्त मुहिम के बीच एक बड़ा झटका लगा है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता को ड्रग्स तस्करी में पकड़े जाने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
पश्चिम कटिगढ़ा के बीजेपी एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष पुलक दास को ड्रग्स कारोबार में लिप्त पाया गया है, जिससे सत्ताधारी दल की छवि पर गहरा सवाल खड़ा हो गया है।
जब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ड्रग्स के खिलाफ बेरहम अभियान चला रहे हैं, ठीक उसी समय सत्ताधारी दल का एक नेता खुद ड्रग्स तस्कर के रूप में सामने आया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि पुलक दास किसके बल पर इतना बड़ा अपराध कर पा रहा था? किसके आशीर्वाद से वह इतने दिनों से ड्रग्स का खुला कारोबार चला रहा था?सूत्रों के अनुसार, पुलक दास की करीबी मित्रता करीमगंज के एक विधायक के साथ है। इससे गंभीर सवाल उठ रहे हैं—क्या पुलक दास ने रिश्तों का दुरुपयोग किया, या पद का गलत फायदा उठाया?
कछार के काटिगढ़ा इलाके में बीजेपी के कई नेता विभिन्न अवैध कारोबारों को बांटकर चलाते हैं, और अब इसमें ड्रग्स का नाम भी जुड़ गया है। पहले सबको पता था कि कोयला, बर्मीज सुपारी, चूना पत्थर के साथ बीजेपी के कई नेता जुड़े हुए थे; अब ड्रग्स के साथ बीजेपी एससी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष पुलक दास का नाम सामने आया है।
चोर जितना भी छिपे, पुलिस पकड़ ही लेती है—यह कहावत फिर साबित हुई। जानकारी के अनुसार, पुलक दास बीजेपी के नाम पर सालों से ड्रग्स का अवैध व्यापार चला रहा था। पुलिस की आंखों में धूल झोंककर वह फेंसिडिल और अन्य नशीली सामग्री की तस्करी करता रहा।
लेकिन इस बार पुलक दास मुसीबत में फंस गया है। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने ट्रांसपोर्ट सर्विस का इस्तेमाल किया, मगर उसकी चालाकी नाकाम रही। सूत्र बताते हैं कि पिछले रात से पुलिस उसकी कड़ी पूछताछ कर रही है। और आज दोपहर में उसे अदालत में पेश किया गया।
अब देखना यह है कि कछार पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ क्या कदम उठाती है। क्या वह कालाईन, नातानपुर, और जलालपुर के ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में सफल होगी?