अटल जी लोकतंत्र के रोल मॉडल – विजय प्रताप सिंह
महेंद्र त्रिपाठी
अयोध्या। सिविल लाइन स्थित एक गेस्ट हाउस में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्मशताब्दी के अवसर पर अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महामंत्री एवं महानगर प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि अटल जी लोकतंत्र के रोल मॉडल थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने राजनीति को मर्यादा, संवाद और सहमति की दिशा दी। लोकतंत्र में असहमति भी उतनी ही जरूरी है जितनी सहमति—इस विचार को अटल जी ने अपने आचरण से स्थापित किया। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक परिवेश में अटल जी के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचारधारा थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा। उन्होंने जनसंघ से लेकर प्रधानमंत्री पद तक की यात्रा में कभी भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। कहा कि अटल जी ने सुशासन, राष्ट्रीय एकता और विकास की मजबूत नींव रखी, जिस पर आज का भारत आगे बढ़ रहा है।
सम्मेलन में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों के साथ विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण अभियान को लेकर चर्चा की गई। अभियान के दूसरे चरण के लिए पार्टीजनों को एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौके पर शैलेन्द्र कोरी, परमानंद मिश्र, तिलकराम मौर्या, हरभजन गौड, रवि सोनकर, हेमंत जायसवाल, कपिल देव वर्मा, मुकेश तिवारी सहित बडी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।