टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम प्रदूषण का प्रमुख कारण: कोर्ट
आर पी तोमर
नई दिल्ली, 17 दिसंबर।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एमसीडी को फटकार लगाई और टिप्पणी की है कि टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसलिए कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिये कि अगले साल एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक एमसीडी टोल न रखने का प्रयास किया जाए। अर्थात दिल्ली में स्थित सभी 9 टोल प्लाजा को बंद किया जाए या उन्हें अन्यत्र स्थापित किया जाय। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एमसीडी को फटकार लगाते हुए कहा कि टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम प्रदूषण का प्रमुख कारण है। कोर्ट ने नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भी निर्देश दिया गया कि वे टोल वसूली कर एमसीडी को हिस्सा देने पर विचार करें। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रदूषण नियंत्रण को प्राथमिकता देकर अगले साल एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक एमसीडी टोल न रखने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि केवल आमदनी बढ़ाने के मकसद से टोल वसूली नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी से कहा कि टोल बूथ को शिफ्ट करने और टोल न लगाने के विकल्प पर एक हफ्ते के भीतर विचार कर ठोस फैसला लें। हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की प्रमुख वजहों की जानकारी दी गई, जिनमें दिल्ली-गुरुग्राम एमसीडी टोल प्लाजा शामिल है।
निर्माण मजदूरों के पैसे अन्य लोगों के खातों में न जाए
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संकट पर सुनवाई के दौरान मजदूरों के संगठन की ओर से पेश वकील ने भत्ते के भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को प्रतिबंधों के कारण बेकार बैठे निर्माण श्रमिकों की जांच करने और उनके खातों में पैसे भेजने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से प्रतिबंधों के कारण बेकार बैठे निर्माण श्रमिकों को वैकल्पिक काम उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा। दिल्ली सरकार ने दलील दी कि 2.5 लाख निर्माण श्रमिकों में से 7,000 का सत्यापन हो चुका है और उनके खातों में धनराशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि श्रमिकों के खातों में स्थानांतरित किया गया पैसा गायब नहीं होना चाहिए, न किसी अन्य खाते में चला जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान दिल्ली के कई टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम के चलते होने वाले प्रदूषण का भी मुद्दा उठा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की ओर से क्यों नहीं कहा जाता है कि जनवरी तक कोई टोल प्लाजा नहीं रहेंगे। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कल को दिल्ली सरकार कनॉट प्लेस में टोल प्लाजा बना देगी, क्योंकि उसे पैसे चाहिए।
सीजेआई ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के 9 टोल प्लाजा कुछ समय के लिए बंद किए जाने पर विचार किया जाए। उन्होंने इस पर फैसला लेने के लिए एक हफ्ते की समयसीमा भी तय की।
