आर पी तोमर
नई दिल्ली, 15 दिसंबर।
संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह की कार्यवाही सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान का मुद्दा उठाया गया, जिस पर सत्तापक्ष की ओर से माफी की माँग की गई। राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनिया गाँधी से माफी माँगने की माँग रखी। वहीं लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह मुद्दा उठाया। राज्यसभा में जेपी नड्डा ने कहा कि कॉन्ग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए नारे राजनीति के गिरते स्तर को दिखाते हैं और विपक्ष को इस पर माफी माँगनी चाहिए। वहीं लोकसभा में किरेन रिजिजू ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कॉन्ग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और विवादित नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगे, जबकि पूरा कॉन्ग्रेस नेतृत्व कार्यक्रम में मौजूद था। रिजिजू ने इसे बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी को इसके लिए सदन में माफी माँगनी चाहिए। रिजिजू ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2014 में एक भाजपा सांसद द्वारा गलत शब्दों के इस्तेमाल पर खुद प्रधानमंत्री ने तत्काल माफी मँगवाई थी। इस मुद्दे पर अर्जुन राम मेघवाल, मनसुख मांडविया समेत कई भाजपा सांसदों और मंत्रियों ने कॉन्ग्रेस से माफी की माँग की।
कमिश्नर राजेश कुमार ने पेशकार राघवेंद्र सिंह को किया निलंबित
महेंद्र त्रिपाठीअयोध्याकमिश्नर के निरीक्षण में अनियमितता उजागर, पेशकार निलंबित,कमिश्नर राजेश कुमार के रुदौली तहसील निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायिक में...
