
नई दिल्ली || भारत रत्न कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में आज डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के राष्ट्रीय प्रभारी हिंदू रत्न राहुल गोयल ने शिरकत की ।। पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री, भारत सरकार के अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ।।
इस मौके पर हिंदू रत्न राहुल गोयल ने डॉ मुरली मनोहर जोशी जी से शिष्टाचार भेंट की तथा हाल ही में भारत मंडपम में संघ शताब्दी वर्ष पर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली भारत द्वारा हुए हिंदू रत्न अवॉर्ड कार्यक्रम के बारे में भी अवगत कराया और स्मारिका पुस्तक भेंट की । इस मौके पर कार्यक्रम में सम्मिलित हुए विशिष्ट अतिथियों को राहुल गोयल ने पुस्तक भेंट की । इस अवसर पर जलपुरुष डॉ. राजेन्द्र सिंह जी, नीरज कुमार, बलवीर सिंह ‘करुण’ जी , रामेश्वर चौरसिया आदि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए ।
कार्यक्रम में अटल जी के बारे में बताई गई प्रमुख विशेषताएँ:
🔸ओजस्वी वक्ता और कवि: वे एक महान वक्ता और हिंदी के सिद्ध कवि थे, जिनके भाषणों में ओज और शब्दों में जादू होता था; वे अपने कविताओं के माध्यम से लोगों से जुड़ते थे.
🔸दूरदर्शी नेता: भारत को एक मजबूत, विकसित और समृद्ध राष्ट्र के रूप में देखना चाहते थे और इसके लिए ‘कारगिल युद्ध’ व ‘पोखरण-2’ जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिससे भारत की सुरक्षा मजबूत हुई.
🔸लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता: लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समानता के प्रबल समर्थक थे; उन्होंने समावेशी शासन (Inclusive Governance) की वकालत की.
🔸गठबंधन सरकार के शिल्पी: वे पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गठबंधन सरकारों को सफलतापूर्वक चलाया और उन्हें स्थायित्व प्रदान किया.
🔸हिंदी के सम्मान के वाहक: संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर उन्होंने हिंदी भाषा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई.
🔸राष्ट्र-निर्माता: उनका व्यक्तित्व हिमालय के समान विराट था; उन्होंने देश की सभ्यता और संस्कृति को महत्व देते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए भारत को तैयार किया.
🔸सुशासन के प्रतीक: उनके कार्यकाल और उनके सिद्धांतों को याद करते हुए उनकी जयंती (25 दिसंबर) को ‘राष्ट्रीय सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.
🔸अविवाहित जीवन: वे आजीवन अविवाहित रहे और उन्होंने अपना पूरा जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया.