आर पी तोमर
नई दिल्ली, 3दिसंबर।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बुधवार को 70 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। इनमें बेंगलुरु और मुंबई हवाईअड्डों से जाने वाली उड़ानें भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य रूप से चालक दल की कमी के कारण विमानों को रद्द करना पड़ा। इंडिगो की कई उड़ानें विभिन्न हवाई अड्डों पर लेट रहीं, क्योंकि कंपनी को अपनी उड़ानों के संचालन के लिए चालक दल जुटाने में परेशानी हुई। इंडिगो ने भी स्वीकार किया है कि उड़ानें रद्द की गई हैं और देरी हुई है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “पिछले कुछ दिनों में प्रौद्योगिकी संबंधी समस्याओं, हवाईअड्डे पर भीड़भाड़ और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं सहित विभिन्न कारणों से कई उड़ानों में अपरिहार्य देरी हुई है और कुछ उड़ानें रद्द हुई हैं।” एफडीटीएल मानदंडों के दूसरे चरण के कार्यान्वयन के बाद से इंडिगो को चालक दल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द हो रही हैं और परिचालन में भारी देरी हो रही है। सूत्र ने कहा, “एयरलाइन के लिए मंगलवार को स्थिति खराब हो गई और बुधवार को यह कमी और भी बदतर हो गई, जब देश के विभिन्न हवाई अड्डों से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और देरी से उड़ान भरी गईं।
परिचालन संबंधी महत्वपूर्ण व्यवधानों का सामना कर रही देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बुधवार को कहा कि उसने परिचालन को सामान्य करने के लिए अगले 48 घंटों के लिए अपने समय-सारिणी में सुनियोजित तरीके से बदलाव किया है। सूत्रों के अनुसार, अगले 48 घंटों के लिए एयरलाइन समायोजन के तहत उड़ानों को रद्द करेगी या उनके समय में बदलाव करेगी। बुधवार को अपने दूसरे बयान में इंडिगो के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि पिछले दो दिनों से पूरे नेटवर्क में उसका परिचालन काफी बाधित रहा है, और उन्होंने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया।एयरलाइन ने कहा, “छोटी-मोटी तकनीकी गड़बड़ियों, सर्दियों के मौसम के कारण शेड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, विमानन प्रणाली में भीड़भाड़ बढ़ने और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) के कार्यान्वयन के कारण परिचालन के स्तर पर अप्रत्याशित चुनौतियां आईं। इन चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाना संभव नहीं था।” नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, छह प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों पर समय से चलने के मामले में इंडिगो का प्रदर्शन मंगलवार को घटकर 35 प्रतिशत रह गया। इस मापदंड पर एयर इंडिया का 67.2 प्रतिशत, एयर इंडिया एक्सप्रेस का 79.5 प्रतिशत, स्पाइसजेट का 82.50 प्रतिशत और अकासा एयर का 73.20 प्रतिशत प्रदर्शन रहा। नवीनतम उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंड के तहत साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे करना, रात्रिकालीन घंटों का विस्तार करना, और रात्रि लैंडिंग की संख्या को पहले के छह के मुकाबले केवल दो तक सीमित करना शामिल है। शुरुआत में इंडिगो, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया और अन्य घरेलू एयरलाइनों ने इन मानदंडों का विरोध किया गया था। लेकिन बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद डीजीसीए ने इन्हें लागू कर दिया। इन एफडीटीएल मानदंडों का पहला चरण जुलाई से लागू हुआ, जबकि दूसरा चरण, जिसके तहत रात्रि लैंडिंग को पहले के छह से दो तक सीमित कर दिया गया, 1 नवंबर से लागू किया गया। ये मानदंड मूल रूप से मार्च 2024 से लागू किए जाने थे, लेकिन इंडिगो सहित एयरलाइनों ने अतिरिक्त चालक दल की आवश्यकताओं का हवाला देते हुए चरण-दर-चरण कार्यान्वयन की मांग की। गुरुग्राम स्थित एयरलाइन वर्तमान में लगभग 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है और इनमें से एक महत्वपूर्ण हिस्सा रात में होता है। विमान बेड़े पर नज़र रखने वाली वेबसाइट प्लेनस्पॉटर डॉट कॉम के अनुसार, 2 दिसंबर तक इंडिगो के बेड़े में कुल 416 विमान थे, जिनमें से 366 परिचालन में थे और 50 जमीन पर थे, जबकि पिछले महीने यह संख्या 47 थी।
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