आर पी तोमर
नई दिल्ली, 1 दिसंबर।
विपक्षी दलों के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, कुछ देर बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कुल कर भार समान बनाए रखने के लिए सोमवार को दो विधेयक लोकसभा में पेश किए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद को चुनावी हार के बाद “हताशा निकालने का मंच” बना रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष चाहे तो वह राजनीति में सकारात्मकता लाने के कुछ सुझाव देने को तैयार हैं।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि पूरे दिन राज्यसभा चली। हम लोगों ने सहयोग किया। अब संयुक्त विपक्ष की मांग है कि चुनावी सुधार पर चर्चा हो क्योंकि चुनाव में हुई धांधली को लेकर विपक्ष परेशान है। इस सत्र में लगातार यही मांग है कि सरकार चुनावी सुधार पर चर्चा कराए। सरकार कहती है कि वे चर्चा कराएंगे लेकिन ये नहीं बताते कि कब कराएंगे। सरकार ने जीएसटी
क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कुल कर भार समान बनाए रखने के लिए सोमवार को दो विधेयक लोकसभा में पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों की भारी नारेबाजी के बीच ये विधेयक पेश किए। लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन स्थगित की गई। विभिन्न मुद्दों की मांग को लेकर विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बीच दोपहर दो बजे एक बार फिर लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई है। उधर राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि हमें सम्मान कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखनी चाहिए, और अच्छा होगा अगर हम उसी हिसाब से इस पर चर्चा करें। अगर हम उस मुद्दे पर चर्चा करना शुरू कर दें, जो हमारे विपक्ष के नेता ने आज उठाया जैसे विदाई और बाकी सभी विषय, तो मुझे लगता है कि यह बेमतलब है। यहां से यह भी चर्चा होगी कि आप उनके खिलाफ एक बार नहीं बल्कि दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाए। मुझे लगता है कि हमारे विपक्ष के नेता बहुत सम्मानजनक हैं। बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र में हार से आपको बहुत दर्द हुआ है। लेकिन आपको अपना दर्द और तकलीफ किसी डॉक्टर को बतानी चाहिए। समय आने पर आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में खड़े होकर कहा कि मुझे उम्मीद है कि आपको बुरा नहीं लगेगा कि मुझे आपके पहले वाले राज्यसभा के चेयरमैन के ऑफिस से पूरी तरह से अचानक जाने का जिक्र करना पड़ रहा है। मुझे दुख हुआ कि सदन को उन्हें विदाई देने का मौका नहीं मिला। फिर भी पूरे विपक्ष की ओर से मैं उनके स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। खरगे के इस बयान पर बीजेपी ने आपत्ति जताई और इसे सभापति का अपमान बताया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं सर्वपल्ली राधाकृष्णन की ये बातें कोट करना सही समझता हूं। 16 मई 1952 को उन्होंने कहा था कि मैं किसी पार्टी से नहीं हूं। मैं यह इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि बहुत से लोगों ने दावा किया कि आप उनकी पार्टी से हैं। एक डेमोक्रेसी के तानाशाही में बदलने की संभावना है, अगर वह विरोधी ग्रुप्स को सरकार की पॉलिसीज की सही, आजादी से और खुलकर आलोचना करने की इजाजत नहीं देती। यह सर्वपल्ली राधाकृष्णन का भाषण है। सदन की कार्रवाही के पहले दिन राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। अंततः सभापति राधाकृष्णन ने सदन दिनभर के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा की कार्यवाही के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने प्रेमचंद गुप्ता, राघव चड्ढा, कृष्णैया के नाम लिए। राघव चड्ढा ने कहा कि हाउस ऑर्डर में नहीं है। इस पर सभापति ने कहा कि आप नहीं बोलेंगे तो अगले वक्ता का नाम लूं।।सभापति एक के बाद एक वक्ताओं के नाम लेते गए। अब्दल्ल वहाब ने भी बोलने में असमर्थता जता दी।
एस आई आर मुद्दे पर हंगामा होने पर संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा सरकार के ध्यान में है। अगर आप यह कहोगे कि इसे आज ही लो, तो यह मुश्किल है और भी मुद्दे हैं। कृपया थोड़ा समय दीजिए। जो बिजनेस लिस्टेड हैं, उन्हें लेने दीजिए। आपकी डिमांड खारिज नहीं हुई है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। इस पर विपक्षी दलों ने टाइम को लेकर आश्वासन की डिमांड की। सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री से इसे लेकर सवाल किया। इस पर रिजिजू ने कहा कि हम जल्दी ही इस पर आएंगे। तब विपक्षी पार्टियों ने एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। डेरेक ओब्रायन ने कहा कि हम सभी विपक्षी पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि चुनाव सुधार पर चर्चा होनी चाहिए। हमने यह डिमांड बिजनेस एडवाइजरी कमेटी भी की थी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केवल चार दल ही विपक्ष नहीं हैं और भी पार्टियां हैं विपक्ष में। इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी विपक्षी दल इस बात पर एकजुट हैं कि एसआईआर पर चर्चा होनी चाहिए। अगर नहीं होगा, तो हम प्रोटेस्ट करेंगे। इस पर सभापति ने कहा कि वह आपकी मांग रिजेक्ट नहीं कर रहे, थोड़ा समय मांग रहे हैं। जॉन ब्रिटास ने कहा कि हम सभी एकजुट हैं। प्रमोद तिवारी ने कहा कि 23 अधिकारी अब तक सुसाइड कर चुके हैं। ल विपक्ष रिजिजू की बात से सहमत नहीं हुआ। ज्यादा हंगामा होने पर सभापति ने सदन दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “पिछला सत्र आप देख लीजिए जिस तरीके से एस आई आर का एक मुद्दा लेकर पूरा सदन वॉशआउट कर दिया। उसी तरह का असार इस सत्र में भी देखने को मिल रहा है…सरकार पूरी तरह से तैयार हैं जिस पर वो चर्चा करना चाहते हैं हम जरूर हर विषय पर चर्चा करेंगे। लेकिन विपक्ष की जिम्मेदारी बनती है कि सदन की गरिमा बनाए रखे और सत्र को चलने दें।”
संसद का सत्र शुरू होते ही हंगामे की शुरुआत भी हो गई है। आज जैसे ही लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। शून्यकाल में चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कमिश्नर राजेश कुमार ने पेशकार राघवेंद्र सिंह को किया निलंबित
महेंद्र त्रिपाठीअयोध्याकमिश्नर के निरीक्षण में अनियमितता उजागर, पेशकार निलंबित,कमिश्नर राजेश कुमार के रुदौली तहसील निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायिक में...
