आर पी तोमर
नई दिल्ली, 25 नवंबर।
राजधानी दिल्ली में खतरनाक तरीके से बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश पर्यावरण मंत्रालय ने जारी किया है। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है और इसका उद्देश्य राजधानी में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करते हुए जोखिम को सीमित करना है। यह निर्देश पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में संचालित सभी दिल्ली सरकार के कार्यालयों और निजी प्रतिष्ठानों को जारी किया गया।
क्या कहा गया है दिल्ली सरकार के आदेश में?
जीएनसीटीडी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार) के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी कार्यालय और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में संचालित सभी निजी कार्यालय, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत 50% कर्मचारियों के साथ काम करेंगे और शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे।
जीएनसीटीडी के अंतर्गत आने वाले सरकारी कार्यालयों के लिए- सभी प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष नियमित रूप से कार्यालय आएंगे और अधिकतम 50% कर्मचारी कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित रहेंगे।
शेष 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे, बशर्ते कि प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष आवश्यक और आपातकालीन सार्वजनिक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार अधिकारियों/कर्मचारियों को कार्यालय बुला सकें। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में संचालित निजी कार्यालयों के लिए- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में संचालित सभी निजी कार्यालय अधिकतम 50% कर्मचारियों के कार्यस्थल पर शारीरिक रूप से उपस्थित रहने के साथ संचालित होंगे। शेष कर्मचारी अनिवार्य रूप से घर से काम करेंगे।
कमिश्नर राजेश कुमार ने पेशकार राघवेंद्र सिंह को किया निलंबित
महेंद्र त्रिपाठीअयोध्याकमिश्नर के निरीक्षण में अनियमितता उजागर, पेशकार निलंबित,कमिश्नर राजेश कुमार के रुदौली तहसील निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायिक में...
