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नई दिल्ली, 25 नवंबर।
व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में फरीदाबाद से सबसे पहले 30 अक्तूबर को गिरफ्तार हुए डॉ. मुज्जमिल को लेकर एनआईए की टीम सोमवार रात अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। टीम ने लगभग ढाई घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में डॉ. मुज्जमिल के कमरे, लैब व अन्य परिसर की पहचान कराने के साथ ही वहां बैठाकर भी पूछताछ की। इसके साथ ही एनआईए की टीम उसे धौज और फतेहपुर तगा गांव के उन किराये के कमरों पर भी लेकर गई जहां डॉ. मुज्जमिल ने विस्फोटक छुपाया था।एनआईए की टीम में 40 से अधिक सुरक्षाकर्मी हथियार के साथ डॉ. मुज्जमिल को लेकर सोमवार रात लगभग 8 बजे फरीदाबाद के धौज इलाके में पहुंचे। इस दौरान फरीदाबाद पुलिस के भी 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को इस इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किया गया था। ताकि एनआईए टीम को जांच के दौरान किसी तरह की बाधा का सामना करना न पड़े। एनआईए टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर में डॉ. मुज्जमिल के रहने के स्थान, पढ़ाई के स्थान, मेडिकल केबिन व अन्य सभी जगहों की शिनाख्त करवाई। अस्पताल परिसर में टीम उसे लेकर पहुंची जहां वह मरीजों का इलाज किया करता था। यूनिवर्सिटी के कैंपस परिसर के उस हिस्से में उसको लेकर जाया गया, जहां पर वह सुबह-शाम सैर करता था। इसके बाद एनआईए टीम उसे धौज गांव के उस किराये के कमरे पर लेकर गई, जहां करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। यहां लगभग 20 मिनट तक रहने के बाद टीम डॉ. मुज्जमिल को लेकर फतेहपुर तगा में उस मकान में भी पहुंची जहां 2550 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट 50 कट्टों में भरकर रखा गया था।
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