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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मक्का से मदीना जा रही एक बस में आग लगने से उसमें सवार 45 लोगों की दर्दनाक मौत पर गहरा दुख प्रगट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट कर कहा, मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मैं बेहद दुखी हूं, मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारे अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ भी निरंतर संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मक्का से मदीना जा रही एक बस में आग लगने से उसमें सवार 45 लोगों की दर्दनाक मौत पर गहरा दुख प्रगट किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट कर कहा, मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मैं बेहद दुखी हूं, मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारे अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ भी निरंतर संपर्क में हैं।
सऊदी अरब में उमराह के लिए गए भारतीय यात्रियों के साथ हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। मदीना के नजदीक हुई इस दुर्घटना में 45 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर तेलंगाना के हैदराबाद शहर के निवासी थे। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि बस टकराते ही आग की लपटों में घिर गई और कई यात्री मौके पर ही जलकर राख हो गए। मृतकों की पहचान करना भी बेहद मुश्किल होता जा रहा है। उमराह यात्रियों को लेकर बस मक्का से मदीना की ओर जा रही थी। रास्ते में मदीना के पास मुहरास या मुफरिआत इलाके में करीब सुबह 1.30 बजे बस एक डीजल टैंकर से भिड़ गई। हादसे के समय बस में सवार कई लोग गहरी नींद में थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस देखते ही देखते आग के गोले में बदल गई। हादसे में बस में सवार कुल 46 लोगों में से 45 की मौत हो गई, जबकि सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बच पाया है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इनमे एक ही परिवार के 7 सदस्य भी है। यह समूह 54 लोगों का था, जो 9 नवंबर को उमराह के लिए हैदराबाद से निकला था और 23 नवंबर को वापस लौटने वाला था।
इनमें से:
•4 लोग कार से मक्का से मदीना के लिए निकले,
• 4 लोग मक्का में ही रुक गए,
•जबकि 46 लोग बस में सवार थे। इसी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 45 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। अधिकारी लगातार सऊदी प्रशासन के संपर्क में हैं और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं।हैदराबाद में परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में 23 नवंबर को बेटों, भाइयों और बुजुर्ग माता-पिता के लौटने की तैयारी चल रही थी। लेकिन फोन की एक कॉल ने सबकुछ बदल दिया। एआईएमआईएम विधायक माजिद हुसैन और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पीड़ितों के परिवारों से संपर्क में हैं। ओवैसी ने विदेश मंत्री से शवों की जल्द भारत वापसी की मांग की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हादसे पर दुख प्रकट किया और कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास एवं जेद्दाह महावाणिज्य दूतावास लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। जेद्दाह स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:
• 8002440003 (टोल फ्री)
• 0122614093
• 0126614276
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी शोक व्यक्त करते हुए बताया कि वे दूतावास अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं और पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। इस घटना ने देशभर में गहरा दुख पैदा कर दिया है। हैदराबाद के जिन मोहल्लों से ये 45 लोग गए थे, वहां मातम छा गया है। परिजन लगातार अपने प्रियजनों के अवशेषों के जल्द भारत लाने की अपील कर रहे हैं।सऊदी अरब की जमीन पर भारत के 45 परिवारों की उम्मीदें बुझ गईं और यह हादसा उमराह की यात्रा को हमेशा के लिए एक दर्दनाक याद बनाकर छोड़ गया।
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