
नई दिल्ली (चंदन सिंह, पेज 3 न्यूज़ ब्यूरो)। बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी द्वारा आरंभ की गई “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025” इन दिनों पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह यात्रा सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण का संदेश लेकर देशभर में आगे बढ़ रही है।
श्री कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी ने इस यात्रा की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी केवल धार्मिक प्रचार नहीं कर रहे, बल्कि समाज में हिन्दू एकता, आत्मगौरव और राष्ट्रीय समरसता की भावना को प्रबल कर रहे हैं।
महंत जी ने कहा, “यह यात्रा हिन्दू समाज को एक सूत्र में बाँधने का प्रयास है। यह केवल धर्म यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की यात्रा है। हिन्दू धर्म वह जीवन पद्धति है जो सभी के सम्मान, सहयोग और सद्भाव की बात करता है, और यह यात्रा उसी भावना को जन-जन तक पहुँचा रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “इज़राइल जब यहूदियों का राष्ट्र घोषित हुआ, तो उसका उद्देश्य किसी का विरोध नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और पहचान की रक्षा करना था। आज वही देश आत्मगौरव और राष्ट्र निष्ठा का प्रतीक बन चुका है। जब भारत का विभाजन धर्म के नाम पर होकर पाकिस्तान बन सकता है, तो हिंदुस्तान को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने में संकोच क्यों?”
महंत अवधूत जी ने कहा कि “सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025” युवाओं में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम के प्रति नई चेतना जगा रही है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखें, बल्कि उसे राष्ट्र सेवा और समाज सुधार से जोड़ें।”
अंत में महंत जी ने कहा, “यह यात्रा भारत को उसकी मूल पहचान की ओर लौटाने का प्रयास है। जब हम अपने धर्म, संस्कृति और कर्तव्य को पहचान लेंगे, तभी भारत पुनः ‘विश्व गुरु’ के रूप में स्थापित होगा।”
