डॉ. उमर, आदिल, शाहीन और…….
आर पी तोमर
नई दिल्ली।
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग के पास हुए बम धमाके के कई बड़े किरदार सामने आए हैं। इसमें कट्टरपंथी डॉक्टरों का पूरा नेटवर्क सामने आया है, जो आतंक की राह पर चल पड़ा था और उसके खतरनाक मंसूबे दिल्ली और अन्य शहरों को दहलाने की थी। इसमें सहारनपुर से गिरफ्तार अनंतनाग का डॉक्टर आदिल अहमद, फरीदाबाद में बारूद का जखीरा इकट्ठा करने वाला मुजम्मिल शकील और तीसरा डॉक्टर उमर मोहम्मद भी शामिल था। उमर के दोस्त को गिरफ्तार भी किया गया है। उमर मोहम्मद ही वो संदिग्ध हमलावर बताया जा रहा है, जिसने कार में बम धमाका कर इस आतंकी घटना को अंजाम दिया।
फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन को जैश आतंकी संगठन का भारत में महिला विंग और रिक्रूटमेंट तैयार करने जिम्मा सौंपा गया था। जमात उल मोमीनात महिला विंग है जैश की जिसकी भारत मे कमान डॉक्टर शाहीन को सौंपी गई थी। सादिया अहजर मसूद अहजर की बहन है जो पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड है। सादिया अजहर का पति यूसुफ अजहर कंधार हाईजैक में एक मास्टरमाइंड था। डॉक्टर शाहीन तीन भाई बहन हैं। बड़ा भाई शोएब है। दूसरे नंबर पर शाहीना है। सबसे छोटा भाई परवेज़ है। शाहीन कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद फ़रीदाबाद चली गई थी। उसकी शादी महाराष्ट्र के रहने वाले जफर हयात से हुई थी, लेकिन तलाक हो गया। शाहीन ने करीब 25 साल पहले इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से मेडिकल की पढ़ाई की थी। अल फलाह यूनिवर्सिटी के प्रफेसर ने बातचीत में शाहीन शाहिद की सच्चाई बचाई। शाहीन अनुशासन में नहीं रहती थी। बिना बताए चली जाती थी मिलने। कॉलेज में कई लोग आते थे उसका व्यवहार भी अजीब रहता था। मैनेजमेंट तक शिकायत पहुंची थी। यह वही i20 कार है, जिसमें ब्लास्ट हुआ था। कार का यह सीसीटीवी ग्रैब लालकिले के पास का है। इसके कुछ ही देर बाद कार में जोरदार धमाका हुआ था। इस घटना की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों की सारी तफ्तीश इस कार के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। कार के जरिए एक एक कड़ी को जोड़ा जा रहा है। मंगलवार को एक कार का 11 दिन पहले का वीडियो भी सामने आया। आदिल मोहम्मद अनंतनाग के एक अस्पताल में सीनियर डॉक्टर है, जिसने 19 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश ए मोहम्मद के पोस्टर लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज से उसकी शिनाख्त हुई तो सर्विलांस की मदद से उसे सहारनपुर से 6 नवंबर को पकड़ा गया। अनंतनाग में उसके लॉकर से एक रायफल और अन्य संवेदनशील सामग्री भी बरामद की गई। उससे फरीदाबाद के डॉक्टर मुजम्मिल शकील का सुराग मिला। 8.13 बजे कार का फरीदाबाद से दिल्ली सीमा में प्रवेश। 8.20 बजे ओखला पेट्रोल पंप पर कार स्पॉट हुई। 3.19 कार लाल किला पार्किंग कांप्लेक्स में पहुंचीं। 3:18 बजे कार पार्किंग में घुसी
6:28 बजे कार बाहर निकली। 6.52 बजे कार बम धमाका हुआ।मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर की पुलिस टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान पकड़ा। फरीदाबाद के धौज इलाके में मुजम्मिल ने एक कमरा किराये पर ले रखा था, जहां से 360 किलो विस्फोटक, 20 टाइमर, दो असॉल्ट रायफलें और अन्य सामग्री बरामद की गई। उसकी निशानदेही पर फरीदाबाद के एक गांव से 2560 किलो से ज्यादा विस्फोटक का बड़ा जखीरा मिला, जिसे ले जाने के लिए ट्रक मंगाया गया था। मुजम्मिल पुलवामा का रहने वाला बताया जा रहा है। वो फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था।
डॉ. उमर मोहम्मद संदिग्ध हमलावर
दो डॉक्टरों का तीसरा साथी उमर मोहम्मद था, जो पकड़ में नहीं आया था। ये डॉक्टर उमर मोहम्मद भी फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने का काम करता था। माना जा रहा है कि उमर ही वो कार सवार फिदायीन हमलावर था, जिसने लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास बम धमाका किया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे कार के बारे में मालूमात की। सलमान ने डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नाम के शख्स को ये गाड़ी बेची थी। देवेंद्र ने ये आई 20 कार अंबाला में किसी को बेची थी। फिर इसे पुलवामा में तारिक को बेचा गया।जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तारिक को पकड़ कर पूछताछ की है। तारिक ही वो शख्स बताया जा रहा है, जिसने ये कार डॉक्टर उमर मोहम्मद को बेची थी और जिस कार से आतंकी हमले को अंजाम दिया गया।
अंसार गजावत उल: हिंद का यासिर
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में अंसार गजावत उल हिंद का खास यासिर भी पकड़ा गया है। डॉक्टरों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी साजिश में शामिल करने का काम यासिर ने किया।
