आर पी तोमर
नई दिल्ली। आज दिल्ली में लालकिले के पास एक कार में हुए धमाके में आस पास की दुकानों में भी आग लग गई। इस घटना में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। 16 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है, जिन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल व अस्पताल पहुंचे। वहीं प्रधानमंत्री ने घटना र दुख व्यक्त किया। देश के अनेक राज्यों में अलर्ट किया गया है तो दिल्ली के कमिश्नर ने घटना ए आतंकी बताया है। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि यह एक आतंकी हमला है। पुलिस ने पुष्टि की कि यह धमाका सुनियोजित आतंकी साजिश का नतीजा था। मौके से बरामद मलबे में आईईडी के अवशेष मिले हैं। एक संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। धमाके में 11 लोगों की मौत और 16 के घायल होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल एनआईए, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और फोरेंसिक टीमें मिलकर पूरे इलाके की गहन जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस आतंकी मॉड्यूल की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं। उधर आज सुबह ही फरीदाबाद में बड़ी माता में आरडीएक्स सहित अन्य विस्फोटक बरामद होने की बात सामने आई थी, गुजरात से यूपी तक पुलिस ने बड़ी संख्या में संदिग्धों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में हुए धमाके पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा,“दिल्ली में आज शाम हुए धमाके में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है। मैंने गृह मंत्री अमित शाह और अन्य अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की है।
दिल्ली के सबसे हाई प्रोफाइल इलाके, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास, में हुए धमाके के बाद देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर है। वहीं एक दिन पहले तीन आतंकियों की गिरफ्तारी और आज फरीदाबाद से 2910 किलो विस्फोटक सामग्री बरामदगी हुई है।
धमाके के बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन के दो गेट बंद
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाके के बाद गेट नंबर -1 व चार बंद कर दिए ग्रेट हैं। एक नंबर मेट्रो गेट चांदनी चौक और चार नंबर लाल किला की तरफ जाता है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुए विस्फोट के बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके से नमूने लिए हैं। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा, लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद मंगलवार को चांदनी चौक बाजार बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने कहा, ‘आज शाम करीब 6.52 बजे एक धीमी गति से चल रही गाड़ी लाल बत्ती पर रुकी। उस गाड़ी में विस्फोट हुआ और विस्फोट की वजह से आस-पास की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। उधर एक चश्मदीद ने कहा है कि जिस कार में विस्फोट हुआ है उस पर एच आर 26 लिखा था
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब दिल्ली धमाकों से दहली है। इससे पहले भी दिल्ली में कई जानलेवा धमाके हो चुके हैं। यहां हम ऐसी ही घटनाओं के बारे में बता रहे हैं। भारत की राजधानी होने के कार दिल्ली कई बार आतंकी हमलों और बम धमाकों का शिकार बनी है। इन घटनाओं ने न केवल शहर को दहला दिया, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। यहां हम 1997 के बाद से दिल्ली में हुए बड़े धमाकों के बारे में बता रहे हैं।
9 जनवरी 1997
आईटीओ (दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने एक बम विस्फोट से 50 लोग घायल।
1 अक्टूबर 1997
सदर बाजार (जुलूस के पास) दो बम विस्फोटों से 30 घायल। 10 अक्टूबर 1997 शांतिवन, कौरिया पुल, किंग्सवे कैंप में तीन बम धमाकों से एक मृत और 16 घायल।
18 अक्टूबर 1997
रानी बाग बाजार में जुड़वां बम विस्फोटों से एक मृत।
26 अक्टूबर 1997
करोल बाग बाजार में जुड़वां बम विस्फोटों से एक मृत। 30 नवंबर 1997 लाल किले क्षेत्र में जुड़वां विस्फोटों से भारी तबाही। तीन मरे 70 घायल। 3 जून 1999 चांदनी चौक में बम धमाके से 27 घायल। 16 अप्रैल 1999 होलंबी कलां रेलवे स्टेशन में दो मृतक। 6 जनवरी 2000 पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में ट्रेन में विस्फोट से 20 घायल। 27 फरवरी 2000
पहाड़गंज बाजार में विस्फोट। 16 मार्च 2000 सदर बाजार
भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाका। सात घायल। 18 जून 2000 लाल किला के पास दो शक्तिशाली विस्फोट, जिसमें एक 8 वर्षीय बच्ची की मौत। 20 घायल हुए। 9 मई 2001 आर्मी मुख्यालय, दालहौजी रोड में दो विस्फोटों से एक घायल। 20 मई 2001 सीजीओ कॉम्प्लेक्स में धमाका हुआ। 11 अगस्त 2001
साउथ एक्सटेंशन में दो घायल। 13 दिसंबर 2001
संसद भवन पर सशस्त्र हमलावरों ने संसद पर कब्जा करने की कोशिश की। जिसमें 12 मारे गए थे। 22 मई 2005 लिबर्टी और सत्यं सिनेमा हॉल में दो सिनेमा हॉलों में सीरियल ब्लास्ट। हुए थे। 29 अक्टूबर 2005 सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी (बस में)
धनतेरस के दिन तीन बाजारों और बस में विस्फोट; लश्कर-ए-तैयबा ने जिम्मेदारी ली। इसमें 62 लोग मरे थे। 14 अप्रैल 2006 जामा मस्जिद में दो विस्फोटों से 14 घायल। 13 सितंबर 2008 करोल बाग (गफ्फार मार्केट), कनॉट प्लेस, ग्रेटर कैलाश-1 में पांच सीरियल ब्लास्ट 45 मिनट में; इंडियन मुजाहिदीन ने ईमेल के जरिए चेतावनी दी। चार बम डिफ्यूज भी किए गए। इसमें 30 लोग मरे थे। 7 सितंबर 2011 दिल्ली हाईकोर्ट गेट के बाहर विस्फोट। इसमें 7 मरे थे।
अब 10 नवंबर 2025 लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में धमाका हुआ जिसमें 11 लोग मारे गए। दिल्ली में हुए अधिकतर धमाके आतंकी घटनाओं से जुडे़ थे। इनमें इंडियन मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठन शामिल थे। इन हमलों ने दिल्ली की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए, जैसे सीसीटीवी बढ़ाना और खुफिया तंत्र को सशक्त बनाना। इस वजह से पिछले एक दशक में कोई बढ़ा धमाका नहीं हुआ था।
कुछ घायलों की सूची-
शाइना परवीन, पिता मोहम्मद सैफुल्लाह, निवासी दिल्ली। हर्षुल पिता संजीव सेठी, निवासी गदरपुर, उत्तराखंड। शिवा जायसवाल पिता अज्ञात, निवासी देवरिया, यूपी । समीर पिता अज्ञात, निवासी मंडावली, दिल्ली ।
जोगिंदर निवासी नंद नगरी, दिलशाद गार्डन, दिल्ली।
भवानी शंकर सामरा निवासी संगम विहार, दिल्ली ।
गीता पिता शिव प्रसाद, निवासी कृष्णा विहार, दिल्ली। विनय पाठक पिता रामाकांत पाठक, निवासी आया नगर, दिल्ली। पप्पू पिता दूधवी राम, निवासी आगरा, यूपी । विनोद पिता विशाल सिंह, निवासी बैतजीत नगर, दिल्ली। शिवम झा पिता संतोष झा, निवासी उस्मानपुर, दिल्ली । मोहम्मद शहनवाज़ पिता दिवंगत अहमद जमान, निवासी दरियागंज, दिल्ली।
अंकुश शर्मा पिता सुधीर शर्मा, निवासी ईस्ट रोहिताश नगर, शाहदरा, दिल्ली ।अशोक कुमार, पिता जगबंश सिंह, निवासी अमरोहा, यूपी । मोहम्मद फारुख पिता अब्दुल कादिर, निवासी दरियागंज, दिल्ली। तिलक राज पिता किशन चंद, निवासी हमीरपुर, हिमाचल । मोहम्मद सफवान पिता मोहम्मद गुफरान, निवासी सीता राम बाजार, दिल्ली। मोहम्मद दाऊद पिता जानुद्दीन, निवासी लोनी, गाज़ियाबाद, यूपी । किशोरी लाल पिता मोहन लाल, निवासी यमुना बाज़ार, कश्मीरी गेट, दिल्ली । आज़ाद पिता रसुद्दीन, निवासी करताल नगर, दिल्ली।
