
फांसीघर निर्माण मामले में पेश होंगे पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता
अरुण शर्मा
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को नोटिस जारी किया है। समिति ने इन चारों नेताओं को 13 नवंबर को समिति के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह नोटिस विधानसभा परिसर में स्थित फांसीघर (गैलोज़) के निर्माण से जुड़े विवाद के संबंध में जारी किया गया है। बताया गया है कि यह निर्माण कार्य आप सरकार के कार्यकाल के दौरान किया गया था।
समिति के अध्यक्ष प्रद्युम्न राजपूत ने बताया कि 13 नवंबर को विधानसभा परिसर में बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस निर्माण की प्राथमिकता, प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वीकृति से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा होगी। समिति चाहती है कि उस समय के मुख्यमंत्री और संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका पर सीधा पक्ष उनके द्वारा रखा जाए।
स्रोतों के मुताबिक, चारों नेताओं को 10 से 15 मिनट के अंतराल पर अलग-अलग समय पर बुलाया गया है ताकि समिति के समक्ष वे अपने-अपने बयान प्रस्तुत कर सकें।
विधानसभा सूत्रों का कहना है कि “फांसीघर का निर्माण” उस समय विवाद का विषय बन गया था, जब इसे बिना आवश्यक अनुमति और प्रक्रियागत मंजूरी के बनाया गया बताया गया था। अब विशेषाधिकार समिति इस मामले से जुड़े तथ्यों की पुनः समीक्षा कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस नोटिस को लेकर हलचल तेज है। विपक्ष का कहना है कि यह मामला प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा है, जबकि आप समर्थक इसे “राजनीतिक निहितार्थों से प्रेरित कार्रवाई” बता रहे हैं।
समिति की बैठक से पहले विधानसभा प्रशासन ने सभी संबंधित दस्तावेज़, निर्माण की स्वीकृति फाइलें और रिकॉर्ड समिति को सौंप दिए हैं। उम्मीद है कि 13 नवंबर की बैठक में इस प्रकरण को लेकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय या सिफारिश सामने आ सकती है।