पेज 3 न्यूज़
नई दिल्ली। साइबर अपराध के खिलाफ सप्ताह भर के अभियान के बाद ऑनलाइन धोखाधड़ी मामलों में कथित संलिप्तता के लिए कम से कम छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। धोखाधड़ी के इन मामलों में डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ‘वर्क फ्रॉम होम’ समेत अन्य साइबर अपराध शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में छापेमारी की ताकि साइबर अपराध नेटवर्क को निशाना बनाया जा सके। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी-पश्चिम) शरद भास्कर दराड़े ने बताया कि पुलिस ने एक महिला का पीछा करने और उसका निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते हुये उससे जबरन वसूली के मामले में गुलफाम अंसारी (25) को दिल्ली के रणहौला एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि अंसारी ने सोशल मीडिया पर फर्जी खाता बनाया और महिला के संबंधियों एवं दोस्तों को वीडियो साझा कर दिया तथा उससे तीन लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने अंसारी के पास से सात मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक पासबुक और दो सिम कार्ड बरामद किया । अधिकारी ने बताया कि एक अन्य मामले में शिवा (19) और पुनीत कुमार उर्फ साहिल (22) को फरीदाबाद से डिजिटल अरेस्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया। डीसीपी ने कहा, ‘आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर एक महिला को धन शोधन जांच के बहाने 11.75 लाख रुपये अंतरित करने के लिए मजबूर किया।’ इसके अतिरिक्त राजस्थान के जयपुर से अंकित सोनकरिया को फर्जी ‘वर्क फ्रॉम होम’ नौकरी देने के मामले में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, ‘आरोपी ने एक महिला को मैप्स एप्लिकेशन पर स्थानों की समीक्षा के लिए भुगतान का वादा कर 2.74 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।’ पुलिस ने बताया कि अलीगढ़, उत्तर प्रदेश के रहने वाले लवलेश कुमार (22) और हरभजन (24) की गिरफ्तारी के साथ एक और साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया गया, जो पीड़ितों के बैंक विवरण तक पहुंचने के लिए फर्जी ‘बीएसईएस मीटर सत्यापन’ एपीके फाइल का उपयोग कर रहा था। इस मामले में शिकायतकर्ता से एक धोखाधड़ी वाला ऐप डाउनलोड करवाने के बाद 16.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने कहा कि आरोपियों से जुड़े खातों में छह लाख रुपये होने का पता चला है।
वक्त कभी किसी का सगा नहीं
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है - हम खुद अपने ही पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण...
