आर पी तोमर
नई दिल्ली/ पटना। गुरुनानक देव जी की 556वी जयंती पूरे देश मे श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस प्रकाश पर्व पर बंगला साहिब, शीशगंज, रकाबगंज, बाला साहिब सहित सभी गुरुद्वारों में सुंदर सजावट की गई। कीर्तन दरबार सजाए गए। गुरुवाणी का पाठ किया गया और विशेष दीवान सजाए गए। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब पहुंचकर मत्था टेका और गुरुघर का आशीष लिया।
दिल्ली में सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु, गुरु नानक देव के 556वें प्रकाश पर्व पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों – बंगला साहिब, शीशगंज, रकाबगंज और बाला साहिब – को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। सभी छोटे-बड़े गुरुद्वारों में लंगर, शबद कीर्तन, सामूहिक प्रार्थना और विशेष दीवान के साथ भव्य आयोजन हुए। रामधारी संगत सेवा समिति भी मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में एक भव्य गुरुपर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया।गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य सुदीप के अनुसार, इस पावन अवसर पर गुरुद्वारों में तीन दिवसीय अखंड पाठ का समापन हुआ और गुरु नानक देव की शिक्षाओं से युक्त पवित्र पाठ का विशेष रूप से पाठ किया। गुरुपर्व पर गुरुद्वारों में सामूहिक लंगर का आयोजन किया, जहाँ सभी जातियों और धर्मों के लोग एक साथ बैठकर भोजन किया गया। इस लंगर के आयोजन का उद्देश्य गुरु नानक देव जी के समानता और भाईचारे के संदेश को प्रतिबिंबित करना है। प्रकाश पर्व से एक दिन पहले, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक विशाल और भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में अरदास (प्रार्थना) के बाद शुरू हुआ। पंज प्यारों के नेतृत्व में, पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को फूलों से सजी पालकी में कीर्तन और भजनों के साथ फतेहपुरी से खारी बावली, नया बाजार चौक, आजाद मार्केट, पुल बंगश मेट्रो स्टेशन, रोशनारा रोड, चौक घंटाघर, शक्ति नगर चौक, राणा प्रताप बाग और बेबे नानकी चौक होते हुए देर शाम गुरुद्वारा नानक प्याऊ साहिब पर समापन हुआ। भक्तों ने पालकी पर पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन के दौरान स्कूली बच्चों, गतका दलों और निहंग सिंह जत्थों ने ढोल की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस अवसर पर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गुरु नानक देव जी उस समय धरती पर अवतरित हुए जब दुनिया कर्मकांड के अंधकार में डूबी हुई थी। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने दुनिया के कोने-कोने में चार उदासियाँ (आध्यात्मिक तीर्थयात्राएँ) कीं, गुरबाणी का संदेश फैलाया और लोगों को अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालने के लिए हज़ारों मील पैदल यात्रा की। नगर कीर्तन के दौरान सेवादार अंग्रेज सिंह, कुलविंदर सिंह ने बताया कि गुरु नानक देव जी ने सदैव सत्य बोलने, गुरबाणी पढ़ने और ईश्वर की भक्ति में ध्यान लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “गुरु नानक जी ने हमें सिखाया कि सच के रास्ते पर चलना ही असली धर्म है। आज जब छोटे-छोटे बच्चे भी इस परंपरा में भाग ले रहे हैं, यह हमारे समाज और संस्कृति के लिए गर्व की बात है।
श्रद्धालु हरजीत सिंह गिल ने बताया, ”वे गुरु नानक देव जी के उस उपदेश से सबसे अधिक प्रभावित हैं जिसमें उन्होंने कहा था, मेहनत की कमाई करो और उसे दूसरों के साथ बांटकर खाओ। यह संदेश आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है, जब समाज में एकता और मानवता की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। वहीं, एक अन्य श्रद्धालु दलजीत सिंह ने कहा कि गुरु नानक जयंती केवल सिख समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज का पर्व बन चुका है।
उधर हरमिंदर सिंह दरबार साहिब पटना के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर को सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गुरु नानक देव जी से जुड़ी पवित्र स्मृतियों का दर्शन किया और देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। गुरुघर पहुंचने पर दोनों नेताओं ने देश और प्रदेशवासियों को गुरु नानक देव महाराज के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही, महासचिव इंद्रजीत सिंह, उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, सचिव हरवंश सिंह और सदस्य हरपाल सिंह जौहल ने मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री को प्रतीक चिन्ह तथा दशमेश गुरु के जीवन पर आधारित पुस्तक भेंट की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “गुरु नानक देव का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बताए उपदेश आज भी समाज को दिशा दिखाते हैं।” उन्होंने लोगों से गुरु नानक देव के संदेशों को जीवन में अपनाने की अपील की। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों से केंद्र सरकार सिख समाज के महान योगदान और बलिदान से नई पीढ़ियों को अवगत कराने का कार्य कर रही है।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार निरंतर सिख समाज के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने और उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रवक्ता नेहा बग्गा, विधान पार्षद जीवन कुमार, शिशिर कुमार, अमित कानोडिया और अमित चंद्रा समेत कई विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे।
वक्त कभी किसी का सगा नहीं
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है - हम खुद अपने ही पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण...
