आर पी तोमर
नई दिल्ली। दिल्ली में डीडीए ने द्वारका सेक्टर-16बी स्थित त्रिवेणी अपार्टमेंट के बेसमेंट में धमाके के साथ फर्श के टूटने और जमीन से पानी निकलने की घटना की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली की मदद लेने की बात कही है। अब दोनों संस्थान मिलकर इमारत की संरचनात्मक जांच करेंगे। यह जांच आने वाले बृहस्पतिवार से शुरू होने की संभावना है। त्रिवेणी अपार्टमेंट्स के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीजी मिश्रा ने कहा कि घटना वाले बेसमेंट-1 को तब से बंद कर दिया गया है, जिससे पार्किंग की गंभीर समस्या हो रही है। ये अपार्टमेंट्स ज्यादा पुराने नहीं हैं, फिर भी ऐसी संरचनात्मक दिक्कत आना चिंताजनक है। डीडीए ने अब तक कोई ठोस समाधान नहीं दिया। दो बेसमेंट्स में से एक अभी भी अनुपलब्ध है, जिससे निवासियों को रोजमर्रा की असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब डीडीए ने बयान जारी कर कहा कि घटना की वजह जानने के लिए तुरंत कार्रवाई की गई है। आईआईटी-दिल्ली को संलग्न किया गया है और उनकी परामर्श फीस का भुगतान कर दिया गया है। उनकी टीम जल्द ही मौके पर पहुंचेगी। प्राधिकरण ने आगे कहा कि शीर्ष संरचनात्मक और भू-तकनीकी विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जा रहा है ताकि व्यापक मूल्यांकन हो सके। आईआईटी टीम की सिफारिशों पर अगर कोई अतिरिक्त कदम उठाना पड़ा, तो डीडीए उसे प्राथमिकता से पूरा करेगा। डीडीए ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरी सुधार कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे। निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि यह जांच न केवल वजह बताएगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय भी सुझाएगी। द्वारका सेक्टर 16 बी स्थित त्रिवेणी अपार्टमेंट में छह अक्टूबर को तेज धमाका हुआ और अपार्टमेंट के ए ब्लाक टावर के बेसमेंट में तेज रफ्तार के साथ पानी जमीन से उपर आने लगा। देखते ही देखते पानी फर्श के उपर करीब दो फुट तक जमा हो गया। फर्श पर कई जगह बड़ी बड़ी दरारें दिखाई देने लगी। जमीन से निकले पानी से तेज बदबू आ रही थी। घटना के पीछे की वजह क्या है, इसका किसी को अभी तक कोई पता नहीं है। अपार्टमेंट निर्माण से जुड़ी एजेंसी डीडीए ने इस घटना की जांच कराने की बात कही थी। तेज धमाका और पानी की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेसमेंट में जगह पिलर पर दरार उभर आया। फर्श टूटने के कारण कंकीट के बड़े बड़े टूकड़े बेसमेंट की छत से टकराने के बाद वाहनों पर गिरे। कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। जिस टावर के नीचे की यह घटना है, वहां रहने वाले लोग चिंतित हैं। उन्हें अब पूरी इमारत की संरचना धमाके के बाद कितनी सुरक्षित है, इसे लेकर तरह तरह की चिंता सता रही है। उन्हें सबसे अधिक डर पीलरों में आए दरार से है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इमारत को खाली कराने का कोई नोटिस नहीं आया है लेकिन लोगों को डर लग रहा है कि कहीं इमारत को खाली करने की बात प्रशासन द्वारा न कही जाए। यहां लोगों ने करीब तीन साल पहले ही रहना शुरू किया ।
वक्त कभी किसी का सगा नहीं
वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है - हम खुद अपने ही पुराने और आज के वक्त का विश्लेषण...
